TCS नासिक धर्मांतरण मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मामले के एक आरोपी शफी शेख ने कोर्ट को बताया कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई थी। कोर्ट की सुनवाई के दौरान, आरोपी ने कहा कि नासिक रोड जेल में उसके साथ मारपीट हुई थी। आज सुनवाई बंद कमरे में हुई, जिसके दौरान शफी शेख और रजा मेमन को कोर्ट में पेश किया गया।
News18 की अनन्या गुप्ता ने बताया कि धर्मांतरण मामले के आरोपियों की जांच चल रही है। कोर्ट के जल्द ही अपना फैसला सुनाने की उम्मीद है, और मामले पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।
यह मामला नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की BPO यूनिट में पुरुष और महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्मांतरण की कोशिशों से जुड़ा है।
यह मामला तब सामने आया जब एक महिला कर्मचारी ने मार्च 2026 के आखिर में नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया।
जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो कई और महिला कर्मचारी सामने आईं। उन्होंने बताया कि यह शोषण 2022 से चल रहा था, और बार-बार शिकायत करने के बावजूद, कंपनी के HR डिपार्टमेंट ने कोई कार्रवाई नहीं की।
TCS कांड के आरोपी शफी शेख को नासिक रोड जेल में कैदियों ने भरपूर प्रसाद दिया है.. कोर्ट में जज साब को बता रहा था… बहुत मारा मेरु कु.. जज साब.. बहुत मारा..
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) April 17, 2026
मुझे लगता है उल्टा कर के हारमोनियम भी बजाया होगा.. वैसे भी कैदी तो लंबे समय से भूखे होंगे..
मामले की गंभीरता को समझते हुए, नासिक पुलिस ने ऑफिस में छह महिला कांस्टेबलों को अंडरकवर (कर्मचारी बनकर) तैनात किया, जिससे इस पूरे “ऑर्गनाइज्ड रैकेट” का पर्दाफाश हुआ।













