नई दिल्ली/इस्लामाबाद: भारत में नीट पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद चर्चा में आया ‘कॉकरोच’ शब्द अब पाकिस्तान की राजनीति में भी सुनाई देने लगा है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने युवाओं की बढ़ती नाराजगी पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर ये युवा, या जिन्हें उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से “कॉकरोच” कहा, एकजुट हो गए तो वे पूरे सिस्टम को बदल सकते हैं।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए नकवी ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि देश लगातार बढ़ते कर्ज के बोझ तले दबा है और हर साल स्थिति और खराब होती जा रही है। उनके अनुसार, सरकार की जिम्मेदारी आर्थिक हालात सुधारने की है, लेकिन कर्ज का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
नकवी ने कहा कि पाकिस्तान अपने युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं दे पा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें युवा कहें या “कॉकरोच”, यदि वे संगठित हो गए तो मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकते हैं। उन्होंने यह भी माना कि पाकिस्तान का मौजूदा प्रशासनिक और आर्थिक सिस्टम लंबे समय से कमजोर होता गया है और अब गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
इस बीच, भारत में नीट पेपर लीक को लेकर हुए छात्र आंदोलनों के दौरान भी “कॉकरोच” शब्द काफी चर्चा में रहा। सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक अभियान शुरू हुआ, जिसने कई युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। इस आंदोलन को लेकर विभिन्न तरह के राजनीतिक दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कॉकरोच जनता पार्टी की भूमिका और आंदोलन से जुड़े कई दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं। उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान में मोहसिन नकवी का बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह बयान युवाओं में बढ़ते असंतोष और पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को लेकर सरकार की चिंता को दर्शाता है।