सूरत / नई दिल्ली | खबर सेवा: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता की संपत्ति और आर्थिक स्थिति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सूरत (गुजरात) निवासी आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने शनिवार को भारत निर्वाचन आयोग और केंद्रीय जीएसटी (Central GST) विभाग को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र सरकार से सेवानिवृत्त कर्मचारी भगवानराव दीपके (अभिजीत दीपके के पिता) की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है।
मुख्य सवाल:
“एक राज्य सरकार का सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने बेटे को विदेश (अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय) में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए भारी-भरकम धनराशि कैसे मुहैया करा सकता है?”
कपिल सिब्बल के 1 करोड़ रुपये के फंड पर भी सवाल
आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घोषित कानूनी सहायता कोष पर भी आपत्ति दर्ज कराई है।
- लीगल डिफेंस फंड: नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए कॉजपा (CJP) कार्यकर्ताओं के लिए कपिल सिब्बल ने 1 करोड़ रुपये का लीगल डिफेंस फंड देने का ऐलान किया था।
- पंजीकरण का मुद्दा: तिवारी ने सवाल उठाया है कि कॉकरोच जनता पार्टी एक गैर-पंजीकृत संगठन है, फिर भी यह एक राजनीतिक दल की तरह काम कर रही है।
- जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की जांच: शिकायतकर्ता ने मांग की है कि चुनाव आयोग यह जांच करे कि क्या कॉजपा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकृत है या नहीं। यदि यह पंजीकृत नहीं है, तो इतने बड़े पैमाने पर फंड कैसे हासिल किया जा रहा है?
CJP की पृष्ठभूमि
ज्ञात हो कि मई 2026 में अभिजीत दीपके द्वारा गठित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ युवाओं के बीच एक लोकप्रिय आंदोलन का रूप ले चुकी है। हाल ही में इस संगठन ने नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।