जंतर-मंतर हिंसा: घायल हेड कांस्टेबल ने सुनाई आपबीती, पुलिस बोली- महिला प्रदर्शनकारी की मौत की खबर फर्जी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार शाम प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद घायल पुलिसकर्मियों ने घटना की जानकारी साझा की है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल उस दावे का भी खंडन किया है, जिसमें एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत होने की बात कही जा रही थी।

घायल हेड कांस्टेबल ने बताया कैसे हुआ हमला

हिंसा में घायल दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल बाबू लाल ने बताया कि शाम के समय अचानक बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और स्थिति तेजी से बिगड़ गई।

उनके अनुसार, भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, हाथ टूट गया और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। बाबू लाल ने यह भी कहा कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, जिसके कारण वह वहां से निकल सके।

उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी सुबह 8 बजे से ही जंतर-मंतर क्षेत्र में लगी थी और दिनभर स्थिति सामान्य रही, लेकिन शाम को प्रदर्शन उग्र हो गया। घटना द पार्क होटल के पास हुई।

इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह का दावा

घायल इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने बताया कि वह हनुमान मंदिर के पास बाइक पार्क कर अपने कार्यालय की ओर पैदल जा रहे थे। उनके अनुसार, टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के जंक्शन के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे।

इंस्पेक्टर ने दावा किया कि उन्हें लगा कि वहां सामान्य छात्र प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन कुछ लोगों ने अचानक उन पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। उन्होंने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।

कई पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली पुलिस के अनुसार, झड़प में दो एसीपी, दो इंस्पेक्टर सहित कुल पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

पुलिस का कहना है कि बुधवार शाम करीब 8:30 बजे भीड़ टॉल्स्टॉय मार्ग की ओर बढ़ने लगी। सुरक्षा बलों द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर कुछ लोगों ने कथित रूप से पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकी, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

महिला प्रदर्शनकारी की मौत की खबर निकली फर्जी

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत होने का दावा तेजी से वायरल हुआ। इस पर दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर इस खबर को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी बताया।

पुलिस ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर कहा कि संबंधित महिला जीवित हैं और उनका इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, अस्पताल के चिकित्सकों ने पुष्टि की है कि महिला की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।

पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।

पुलिस ने कहा कि अफवाहें और अपुष्ट दावे कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए लोगों को जिम्मेदारी के साथ डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना चाहिए और केवल सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए.

नोट: इस समाचार में पुलिसकर्मियों के बयान उनके दावों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। घटना की जांच जारी है और संबंधित तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

Divya Mishra
👤 Divya Mishra
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Divya Mishra Khabar Bharat Tak में Senior News Editor हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, सुप्रीम कोर्ट, सरकारी नीतियों, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ब्रेकिंग न्यूज़ पर तथ्यात्मक एवं विश्वसनीय रिपोर्टिंग करती हैं। प्रत्येक लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज़ों, विश्वसनीय स्रोतों और सत्यापित जानकारी के आधार पर तैयार किया जाता है। नई जानकारी उपलब्ध होने पर लेख को समय-समय पर अपडेट किया जाता है ताकि पाठकों तक सटीक और प्रमाणिक सूचना पहुँच सके।

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