दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच, CJP के आंदोलन पर विदेशी फंडिंग का आरोप लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट इस PIL पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। कोर्ट शुक्रवार को मामले की सुनवाई करेगा। याचिका में 20 जुलाई को हुए संसद मार्च और CJP के प्रदर्शन की NIA से जांच कराने की मांग की गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट CJP के विरोध प्रदर्शन और 20 जुलाई को हुए संसद मार्च की NIA से जांच की मांग वाली PIL पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। याचिका में दावा किया गया है कि यह विरोध प्रदर्शन एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें विदेशी फंडिंग से जुड़े लोगों की भूमिका थी। यह भी आरोप लगाया गया कि इस प्रदर्शन के कारण शहर के निवासियों को बंधक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
याचिका में क्या कहा गया है
इस मामले में याचिका सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से वकील बरुन सिन्हा ने दायर की है। मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच करेगी। याचिका में कहा गया है कि तथाकथित छात्र आंदोलन ने पूरी दिल्ली को बंधक बना लिया है।
पीएम मोदी ने भी 5 बड़ी घोषणाएं कीं
इस बीच, पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में बढ़ते हंगामे के बीच पीएम मोदी ने 5 बड़ी घोषणाएं की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश के युवाओं का कल्याण और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो लोग उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्रश्न पत्र लीक मामलों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द कड़ी सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद
दूसरी ओर, लगातार दूसरे दिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने अगले आदेश तक दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को बंद करने का आदेश दिया है, जिनमें राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, मंडी हाउस, ITO और खान मार्केट शामिल हैं। जंतर-मंतर पर चल रहे CJP विरोध-प्रदर्शन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, यात्रियों के लिए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर लाइन बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।