नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार शाम प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद घायल पुलिसकर्मियों ने घटना की जानकारी साझा की है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल उस दावे का भी खंडन किया है, जिसमें एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत होने की बात कही जा रही थी।
घायल हेड कांस्टेबल ने बताया कैसे हुआ हमला
हिंसा में घायल दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल बाबू लाल ने बताया कि शाम के समय अचानक बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और स्थिति तेजी से बिगड़ गई।
उनके अनुसार, भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, हाथ टूट गया और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। बाबू लाल ने यह भी कहा कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, जिसके कारण वह वहां से निकल सके।
#WATCH | Delhi: Head Constable Babu Lal, who was injured during the CJP protest yesterday, says, "Suddenly, a crowd came and I couldn't understand anything. They grabbed me and beat me so badly. There must have been at least 3-4 thousand people… There were stones, sticks, and… pic.twitter.com/aIJS8BBeJG
— ANI (@ANI) July 23, 2026
उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी सुबह 8 बजे से ही जंतर-मंतर क्षेत्र में लगी थी और दिनभर स्थिति सामान्य रही, लेकिन शाम को प्रदर्शन उग्र हो गया। घटना द पार्क होटल के पास हुई।
इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह का दावा
घायल इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने बताया कि वह हनुमान मंदिर के पास बाइक पार्क कर अपने कार्यालय की ओर पैदल जा रहे थे। उनके अनुसार, टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के जंक्शन के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे।
इंस्पेक्टर ने दावा किया कि उन्हें लगा कि वहां सामान्य छात्र प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन कुछ लोगों ने अचानक उन पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। उन्होंने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।
कई पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, झड़प में दो एसीपी, दो इंस्पेक्टर सहित कुल पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
पुलिस का कहना है कि बुधवार शाम करीब 8:30 बजे भीड़ टॉल्स्टॉय मार्ग की ओर बढ़ने लगी। सुरक्षा बलों द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर कुछ लोगों ने कथित रूप से पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकी, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
महिला प्रदर्शनकारी की मौत की खबर निकली फर्जी
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत होने का दावा तेजी से वायरल हुआ। इस पर दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर इस खबर को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी बताया।
पुलिस ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर कहा कि संबंधित महिला जीवित हैं और उनका इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, अस्पताल के चिकित्सकों ने पुष्टि की है कि महिला की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।
पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।
पुलिस ने कहा कि अफवाहें और अपुष्ट दावे कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए लोगों को जिम्मेदारी के साथ डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना चाहिए और केवल सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए.
नोट: इस समाचार में पुलिसकर्मियों के बयान उनके दावों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। घटना की जांच जारी है और संबंधित तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा।