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सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत से बढ़ी चिंता, 8.5 किलो घटा वजन; अनशन खत्म करने से किया इनकार

नई दिल्ली: लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। ताजा स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, उनका वजन करीब 8.5 किलोग्राम घट चुका है, जबकि उनका रक्तचाप 109/70 दर्ज किया गया है। डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई है, लेकिन वांगचुक ने फिलहाल अपना अनशन जारी रखने का फैसला दोहराया है।

अनशन खत्म करने की अपील, लेकिन वांगचुक अडिग

समर्थकों और कई सार्वजनिक हस्तियों ने वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है। हालांकि 59 वर्षीय वांगचुक का कहना है कि उन्होंने जो आंदोलन शुरू किया है, उसे उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग के लिए है।

क्या है आंदोलन की मांग?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व Cockroach Janta Party (CJP) कर रही है। संगठन की प्रमुख मांग है कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं। दूसरी ओर, धर्मेंद्र प्रधान इन मांगों को खारिज कर चुके हैं और उन्होंने पहले भी इस्तीफा देने से इनकार किया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया अहम निर्देश

वांगचुक की गिरती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन को उनके स्वास्थ्य की रोजाना निगरानी करने और चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर तुरंत हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि किसी भी नागरिक का जीवन बहुमूल्य है और आवश्यक होने पर डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उचित कदम उठाए जाएं।

कौन हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक देश के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता हैं। वे ‘आइस स्तूप’ (Ice Stupa) तकनीक विकसित करने के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, जो लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्रों में पानी संरक्षण का अभिनव मॉडल माना जाता है। उन्हें वर्ष 2018 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार भी मिल चुका है। इसके अलावा, आम धारणा है कि फिल्म ‘3 इडियट्स’ के प्रमुख किरदार फुंसुख वांगड़ू की प्रेरणा उनके व्यक्तित्व से ली गई थी।

बढ़ता समर्थन

वांगचुक के आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कलाकारों का समर्थन मिल रहा है। हाल के दिनों में कई नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर उनसे मुलाकात की, जबकि अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी उनके समर्थन में एक दिन का सांकेतिक उपवास रखने की घोषणा की।

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