नई दिल्ली/सिलीगुड़ी: 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आयोजकों अभिजीत दीपके, सौरव दास और अन्य के खिलाफ Zero FIR दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान 12 वर्षीय बच्चियों को शामिल किया गया, जिसके आधार पर POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया गया था। अधिवक्ता का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। बाद में CJP आयोजकों की ओर से जारी एक वीडियो में दावा किया गया कि पुलिस ने 12 साल की बच्चियों पर लाठीचार्ज किया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। इसी दावे के आधार पर यह सवाल उठाया गया कि इतनी कम उम्र के बच्चों को प्रदर्शन में क्यों लाया गया।
POCSO Act के तहत कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह का कहना है कि 12 वर्ष का बच्चा कानून की नजर में विशेष संरक्षण का हकदार होता है। शिकायत में आयोजकों के खिलाफ POCSO Act की धाराओं 13, 14 और 15 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 153 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि यदि किसी नाबालिग को ऐसे प्रदर्शन में शामिल किया गया, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
फंडिंग पर भी उठाए सवाल
शिकायत में प्रदर्शन की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। अधिवक्ता ने मांग की है कि जांच एजेंसियां यह पता लगाएं कि प्रदर्शन के लिए धन कहां से आया और इसके पीछे कौन लोग या संगठन शामिल थे। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल शिकायत, जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
ध्यान देने वाली बात यह है कि फिलहाल यह मामला शिकायत और Zero FIR दर्ज करने की मांग तक सीमित है। संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि किसी के खिलाफ औपचारिक एफआईआर दर्ज होगी या नहीं तथा आरोपों में कितना दम है। अभी तक इन आरोपों पर CJP की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं आई है।
मुख्य बातें
- सिलीगुड़ी में CJP आयोजकों के खिलाफ Zero FIR की मांग।
- शिकायत में POCSO Act और BNS की धाराएं लगाने की अपील।
- आरोप है कि 12 वर्षीय बच्चियों को जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल किया गया।
- प्रदर्शन की फंडिंग और आयोजकों की भूमिका की जांच की भी मांग।
- फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।