क्या इराकी महिला सांसद के घर से मिले 490 करोड़ रुपये, 27 किलो सोना और सोने के अंडरगारमेंट्स? जानिए वायरल दावे का पूरा सच

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि इराक की एक मुस्लिम महिला सांसद के घर छापेमारी के दौरान करीब 57 मिलियन डॉलर (लगभग 490 करोड़ रुपये) नकद, 27 किलोग्राम सोना और सोने से बने अंडरगारमेंट्स बरामद हुए। इन दावों के साथ कई तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए जा रहे हैं। लेकिन क्या यह दावा पूरी तरह सच है? आइए जानते हैं फैक्ट चेक में क्या सामने आया।

क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इराक की सांसद हिंद अल-अब्बासी (Hind Al-Abbasi) के घर से भारी मात्रा में नकदी, सोना और सोने के अंडरगारमेंट्स बरामद किए गए। कुछ पोस्ट्स में यह दावा आलिया नासिफ (Alia Nassif) से भी जोड़कर किया जा रहा है।

जांच में क्या सामने आया?

फैक्ट-चेक रिपोर्टों के अनुसार, इराक में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई और कई नेताओं के यहां छापेमारी की खबरें सही हैं। कुछ मामलों में नकदी और सोना बरामद होने की भी रिपोर्टें हैं। हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या सचमुच मिले थे सोने के अंडरगारमेंट्स?

सबसे ज्यादा चर्चा “सोने के ब्रा और अंडरगारमेंट्स” को लेकर हुई। लेकिन उपलब्ध फैक्ट-चेक रिपोर्टों के मुताबिक, इराकी अधिकारियों ने ऐसी किसी बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कई वायरल तस्वीरों और दावों को किसी विश्वसनीय सरकारी दस्तावेज या आधिकारिक बयान से प्रमाणित नहीं किया गया है।

दो अलग-अलग मामलों को जोड़कर फैलाया गया दावा?

रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग नेताओं से जुड़ी सूचनाओं और तस्वीरों को मिलाकर साझा किया गया। कुछ वायरल पोस्ट हिंद अल-अब्बासी का नाम लेते हैं, जबकि कुछ में आलिया नासिफ का। हालांकि, अब तक ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है जो वायरल तस्वीरों और सभी दावों को किसी एक सांसद से स्पष्ट रूप से जोड़ता हो।

फैक्ट चेक का निष्कर्ष

  • इराक में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और छापेमारी की कार्रवाई वास्तविक है।
  • कुछ मामलों में नकदी और सोना बरामद होने की रिपोर्टें मौजूद हैं।
  • लेकिन 490 करोड़ रुपये, 27 किलो सोना और सोने के अंडरगारमेंट्स मिलने तथा उन्हें किसी विशेष महिला सांसद से जोड़ने वाले वायरल दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
  • इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन पोस्ट्स को पूरी तरह सत्य मानना उचित नहीं है।

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