गाँव के इस इंसान ने देशी जुगाड़ से बना दी ऐसी बाइक जो 50 पैसे खर्च से चलेगी पूरे 150 KM बाइक देखकर होश उड़ जाएंगे आपके

गाँव के इस इंसान ने देशी जुगाड़ से बना दी ऐसी बाइक जो 50 पैसे खर्च से चलेगी पूरे 150 KM बाइक देखकर होश उड़ जाएंगे आपके: भारतीयों की जुगाड़ तकनीक की मुरीद है दुनिया! मानो या न मानो, आख़िरकार भारतीय हर समस्या का समाधान कोई न कोई तरकीब खोजकर निकाल ही लेते हैं। आपने बाइक का माइलेज बढ़ाने के लिए मॉडिफिकेशन से जुड़ी कई खबरें पढ़ी होंगी, लेकिन हम यहां जिस तकनीक की बात कर रहे हैं वह पहले कहीं नहीं देखी गई होगी।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एलपीजी से चलने वाली बाइक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को India Travels नाम के फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वीडियो गुजरात का बताया जा रहा है, जहां कुछ लोग अपनी पुरानी बाइक में एलपीजी सिलेंडर लगाकर चल रहे हैं। खास बात यह है कि एलपीजी से चलने वाली यह बाइक जबरदस्त माइलेज दे रही है, जिसकी वजह से यह वीडियो सुर्खियों में है।

वीडियो में कुछ बाइक्स दिखाई जा रही हैं जिन्हें चलाने के लिए एलपीजी सिलेंडर लगाया गया है. सिलेंडर को बाइक के पीछे उस जगह लगाया गया है जहां आमतौर पर लोग डिक्की लगाते हैं। सिलेंडर लगाने के लिए बाइक के पीछे एक बॉक्स जैसा कैबिनेट बनाया गया है, जिसके अंदर 2 किलो का एलपीजी सिलेंडर फिट होता है। इस सिलेंडर से निकलने वाली पाइप अंदर से बाइक के इंजन तक पहुंचती है। वीडियो में दिखाया गया है कि पेट्रोल टैंक नॉब बंद होने के बाद भी बाइक चल रही है, यानी बाइक गैस से चल सकती है।

गाँव के इस इंसान ने देशी जुगाड़ से बना दी ऐसी बाइक जो 50 पैसे खर्च से चलेगी पूरे 150 KM बाइक देखकर होश उड़ जाएंगे आपके

वीडियो में बताया गया है कि गैस से चलने वाली यह बाइक फुल टैंक पर 150 किलोमीटर तक का माइलेज दे सकती है। यानी इस बाइक को 2 किलो एलपीजी पर 150 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। वहीं, गैस से चलने वाली बाइक की लागत महज 50-60 पैसे प्रति किलोमीटर है, जबकि पेट्रोल से चलने वाली सामान्य बाइक की लागत 2-3 रुपये प्रति किलोमीटर है।

आपको बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत केवल आरटीओ द्वारा प्रमाणित वाहनों में संशोधन की अनुमति है। अगर आप बाइक के इंजन, पेट्रोल पंप या इग्निशन सिस्टम में कोई बदलाव करना चाहते हैं तो उससे पहले आपको स्थानीय आरटीओ से इजाजत लेनी होगी। आरटीओ से अनुमति मिलने के बाद ही संशोधन वैध माना जाएगा। आपको बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत केवल पुराने बीएस-3 दोपहिया वाहनों में सीएनजी किट लगाने की अनुमति है।