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अजब गजब

प्राइवेट बैंकों ने मिनिमम बैलेंस चार्ज से वसूले लगभग ₹5,000 करोड़, संसद में सरकार ने दी जानकारी

By riyasingh000043@gmail.com
July 29, 2026 3 Min Read
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नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में देश के प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने उन ग्राहकों से लगभग ₹4,948.71 करोड़ की राशि चार्ज के रूप में वसूली, जो अपने सेविंग्स और करंट अकाउंट में निर्धारित मिनिमम एवरेज बैलेंस (Minimum Average Balance) बनाए रखने में असफल रहे। यह जानकारी केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में दी।

राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि इसी अवधि में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Banks) ने इसी मद में ₹2,137.92 करोड़ की वसूली की। आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्राइवेट बैंकों द्वारा वसूली गई राशि सरकारी बैंकों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक रही।

HDFC Bank और Axis Bank ने वसूले सबसे अधिक चार्ज

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, HDFC Bank ने FY26 में मिनिमम बैलेंस चार्ज के रूप में सबसे अधिक ₹1,798.14 करोड़ वसूले।

इसके बाद Axis Bank दूसरे स्थान पर रहा, जिसने इस अवधि में ₹1,081.33 करोड़ की राशि ग्राहकों से चार्ज के रूप में प्राप्त की।

इन दोनों बैंकों की संयुक्त वसूली ₹2,879.47 करोड़ रही, जो देश के 19 प्राइवेट सेक्टर बैंकों द्वारा वसूले गए कुल चार्ज का लगभग 58 प्रतिशत है।

किन खातों पर नहीं लगता मिनिमम बैलेंस चार्ज?

सरकार ने संसद में यह भी स्पष्ट किया कि सभी बैंक खातों पर यह नियम लागू नहीं होता।

निम्नलिखित खातों में मिनिमम बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य नहीं है और इन पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता—

  • बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट अकाउंट (BSBDA)
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) खाते

इन खातों के धारकों से न्यूनतम बैलेंस नहीं होने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

सरकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति में सुधार

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उन्होंने बताया कि—

  • सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।
  • बैंकों का मुनाफा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा है।
  • ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) कई दशकों के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं।

सरकार का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में किए गए सुधारों का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

ECLGS 5.0 के तहत अतिरिक्त लोन पर मिलेगी 100% गारंटी

सरकार ने यह भी जानकारी दी कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण नकदी संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे व्यवसायों को राहत देने के लिए Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) 5.0 लागू की गई है।

इस योजना के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं—

  • MSME को दिए जाने वाले अतिरिक्त ऋण पर 100% सरकारी गारंटी।
  • Non-MSME और Scheduled Passenger Airline सेक्टर के लिए 90% गारंटी कवरेज।
  • योजना का कुल क्रेडिट आउटले ₹2.55 लाख करोड़ निर्धारित किया गया है।
  • इसमें से ₹5,000 करोड़ विशेष रूप से एयरलाइन सेक्टर के लिए आरक्षित हैं।

ग्राहकों के लिए क्या है इसका मतलब?

यदि आपका सेविंग्स या करंट अकाउंट किसी ऐसे बैंक में है जहां मिनिमम एवरेज बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य है, तो तय सीमा से कम बैलेंस होने पर बैंक शुल्क वसूल सकता है। हालांकि, जन धन खाते और बेसिक सेविंग्स अकाउंट इस नियम से पूरी तरह मुक्त हैं।

ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते की Minimum Average Balance संबंधी शर्तों की जानकारी समय-समय पर जांचते रहें, ताकि अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके।

(यह लेख संसद में सरकार द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है।)

Tags:

Axis Bank ChargesHDFC Bank ChargesMinimum Average BalanceMinimum Balance ChargePM Jan Dhan YojanaPrivate Banks FY26Public Sector BanksRBI Data
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riyasingh000043@gmail.com

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