नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के संसद भवन पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। उस समय लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा चल रही थी, जबकि विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।
अजीत डोभाल के संसद पहुंचते ही कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई कि क्या वह किसी महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दे पर सरकार या मंत्रियों के साथ बैठक करने पहुंचे हैं। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उनका यह दौरा नियमित (रूटीन) विजिट था और इसका किसी विशेष सुरक्षा इनपुट या आपात बैठक से संबंध नहीं था।
आज लोकसभा में कई अहम विधेयकों पर होगी चर्चा
लोकसभा की संशोधित कार्यसूची के अनुसार बुधवार को सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा कराने और उन्हें पारित कराने का प्रयास करेगी। इनमें प्रमुख रूप से—
- एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक
- जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
- सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी संशोधन विधेयक
शामिल हैं।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियमों में प्रस्तावित बदलाव
सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 के तहत जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और डिजिटल बनाने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार—
- यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक से दो वर्ष की देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होगी।
- यदि पंजीकरण दो वर्ष से अधिक की देरी से कराया जाता है, तो प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पंजीकरण संभव होगा।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों पर रोक लगाना और रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बढ़ाना है।
आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट से जुड़ेगा डिजिटल रिकॉर्ड
प्रस्तावित विधेयक के तहत जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। इस डेटाबेस को आधार, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), राशन कार्ड और पासपोर्ट जैसे प्रमुख सरकारी दस्तावेजों से भी लिंक करने का प्रस्ताव है।
सरकार के अनुसार, इससे रिकॉर्ड का सत्यापन आसान होगा, फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
एंटी पेपर लीक बिल पर जारी रहेगी चर्चा
लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर भी चर्चा जारी रहने की संभावना है। सरकार इस विधेयक को पारित कराने का प्रयास करेगी। हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में इस विधेयक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में बढ़ सकती है जजों की संख्या
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन विधेयक भी सदन में पेश करेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य लंबित मामलों का बोझ कम करना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक तेज एवं प्रभावी बनाना है।
अमित शाह पेश करेंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 पेश करेंगे। सरकार का दावा है कि यह विधेयक जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।