नई दिल्ली: देश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अब ठगों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नाम इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने एक नए “Refundable Tax Scam” को लेकर लोगों को सतर्क किया है। इस स्कैम में लोगों को एक फर्जी पत्र भेजकर दावा किया जाता है कि उनके ₹1 लाख का भुगतान ट्रांजैक्शन समस्या के कारण रोक दिया गया है और उसे जारी कराने के लिए पहले ₹7,500 का “रिफंडेबल टैक्स” जमा करना होगा।
क्या है पूरा मामला?
PIB के अनुसार, साइबर ठग RBI के आधिकारिक लेटर की तरह दिखने वाला नकली दस्तावेज तैयार कर लोगों को भेज रहे हैं। पत्र में लिखा होता है कि लाभार्थी का ₹1 लाख का भुगतान होल्ड पर है और इसे कुछ ही मिनटों में जारी करने के लिए पहले ₹7,500 एक दिए गए बैंक खाते में जमा करने होंगे।
लेटर में बैंक अकाउंट की जानकारी भी दी जाती है और तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है ताकि लोग बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर दें।
PIB ने बताया फर्जी
PIB फैक्ट चेक टीम ने स्पष्ट किया है कि यह पत्र पूरी तरह फर्जी है और इसका RBI से कोई संबंध नहीं है।
साथ ही यह भी साफ किया गया है कि RBI कभी भी किसी व्यक्ति से फंड जारी करने के बदले टैक्स या फीस जमा करने के लिए नहीं कहता, न ही ईमेल, फोन कॉल या मैसेज के जरिए बैंकिंग जानकारी, OTP या व्यक्तिगत विवरण मांगता है।
अगर आप ठगी का शिकार हो गए हैं तो क्या करें?
यदि आपने ऐसे किसी संदेश पर भरोसा करके पैसे भेज दिए हैं या अपनी जानकारी साझा कर दी है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
- स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
- अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि संदिग्ध लेनदेन को रोका जा सके।
- स्क्रीनशॉट, भुगतान की रसीद, ईमेल, मैसेज और फोन नंबर जैसे सभी सबूत सुरक्षित रखें।
- जल्द रिपोर्ट करने से जांच एजेंसियों को कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
ऐसे रहें सुरक्षित
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इन बातों का हमेशा ध्यान रखें:
- किसी भी संदेश में तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाया जाए तो पहले उसकी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
- सरकारी विभाग या RBI कभी भी फंड जारी करने के लिए एडवांस फीस या टैक्स नहीं मांगते।
- OTP, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स या पहचान संबंधी दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- किसी भी सरकारी दावे की पुष्टि केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय माध्यम से करें।
निष्कर्ष
डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी आकर्षक ऑफर, इनाम या रुके हुए भुगतान के नाम पर आने वाले संदेशों पर तुरंत भरोसा करने के बजाय उनकी आधिकारिक पुष्टि करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।
डिस्क्लेमर: यह लेख PIB द्वारा जारी चेतावनी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। यदि आपको ऐसा कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो उसकी पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से अवश्य करें और किसी भी स्थिति में पहले पैसे ट्रांसफर न करें।