Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Khabar Bharat Tak

Khabar Bharat Tak – हर खबर, भारत तक

Khabar Bharat Tak

Khabar Bharat Tak – हर खबर, भारत तक

  • Home
  • About Us – Khabar Bharat Tak
  • Advertise With Us – Khabar Bharat Tak
  • Careers – Khabar Bharat Tak
  • Contact Us – Khabar Bharat Tak
  • Cookie Policy – Khabar Bharat Tak
  • Correction Policy – Khabar Bharat Tak
  • Disclaimer – Khabar Bharat Tak
  • Fact Check Policy – Khabar Bharat Tak
  • Hanny Dhiman – Author
  • Home
  • Privacy Policy – Khabar Bharat Tak
  • Sitemap
  • Terms & Conditions – Khabar Bharat Tak
  • Write For Us – Khabar Bharat Tak
  • Home
  • About Us – Khabar Bharat Tak
  • Advertise With Us – Khabar Bharat Tak
  • Careers – Khabar Bharat Tak
  • Contact Us – Khabar Bharat Tak
  • Cookie Policy – Khabar Bharat Tak
  • Correction Policy – Khabar Bharat Tak
  • Disclaimer – Khabar Bharat Tak
  • Fact Check Policy – Khabar Bharat Tak
  • Hanny Dhiman – Author
  • Home
  • Privacy Policy – Khabar Bharat Tak
  • Sitemap
  • Terms & Conditions – Khabar Bharat Tak
  • Write For Us – Khabar Bharat Tak
Subscribe
Close

Search

न्यूज़

दिल्ली हिंसा जांच में बड़ा खुलासा: इंटरनेट बंद होने की स्थिति के लिए पहले से थी डिजिटल तैयारी, 4 Offline Apps पर पुलिस की नजर

By riyasingh000043@gmail.com
July 23, 2026 3 Min Read
0

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों, सुरक्षाबलों पर हमलों और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की जांच के दौरान एक बड़ा तकनीकी खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ संदिग्धों ने इंटरनेट सेवाएं बाधित होने या सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जैमर लगाए जाने की स्थिति में भी आपसी संपर्क बनाए रखने के लिए विशेष Offline Messaging Apps का इस्तेमाल किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने डिजिटल फॉरेंसिक जांच तेज कर दी है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन की फॉरेंसिक क्लोनिंग कराई जा रही है ताकि डिलीट किए गए चैट, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को रिकवर किया जा सके।

डिजिटल गाइड के जरिए दी गई थी तैयारी की सलाह

जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन से एक दिन पहले कई व्हाट्सएप ग्रुप्स में एक कथित डिजिटल गाइड या एडवाइजरी साझा की गई थी। इसमें दावा किया गया था कि संसद और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कारणों से मोबाइल नेटवर्क जैमर सक्रिय हो सकते हैं। इसी आधार पर प्रतिभागियों को पहले से कुछ ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई थी।

जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इन ऐप्स के जरिए किसे क्या निर्देश दिए गए, किन स्थानों की जानकारी साझा की गई और हिंसा के दौरान समन्वय किस प्रकार किया गया।

जांच के दायरे में आए 4 Offline Messaging Apps

पुलिस की जांच में जिन चार ऐप्स का उल्लेख सामने आया है, वे हैं:

  • Bridgefy
  • Briar
  • FireChat
  • BitChat

ये ऐप्स मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट पर निर्भर हुए बिना ब्लूटूथ, वाई-फाई डायरेक्ट या मेश नेटवर्क तकनीक के माध्यम से सीमित दूरी में मौजूद डिवाइसों को आपस में जोड़ सकते हैं।

Bridgefy कैसे करता है काम?

Bridgefy ब्लूटूथ तकनीक का उपयोग करता है और लगभग 100 मीटर की दूरी तक मौजूद दूसरे यूज़र्स से कनेक्ट हो सकता है। यदि बीच में कई डिवाइस मौजूद हों तो संदेश एक डिवाइस से दूसरे तक पहुंचते हुए आगे भी भेजे जा सकते हैं। इस ऐप को हांगकांग के बड़े विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा मिली थी।

FireChat की खासियत

FireChat आसपास मौजूद स्मार्टफोन को जोड़कर एक लोकल मेश नेटवर्क तैयार करता है। इसके जरिए इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध न होने पर भी सीमित दायरे में संदेशों का आदान-प्रदान किया जा सकता है।

Briar देता है एन्क्रिप्टेड चैट

Briar किसी केंद्रीय सर्वर पर निर्भर नहीं रहता। यह ब्लूटूथ या वाई-फाई के माध्यम से एन्क्रिप्टेड और निजी चैट की सुविधा उपलब्ध कराता है। सुरक्षा और गोपनीयता के कारण यह ऐप कई देशों में पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा भी उपयोग किया जाता है।

BitChat की मेश नेटवर्क तकनीक

BitChat ब्लूटूथ मेश तकनीक पर आधारित है। इसके माध्यम से यूज़र्स मोबाइल नेटवर्क के बिना टेक्स्ट संदेश और कुछ प्रकार की मल्टीमीडिया फ़ाइलें साझा कर सकते हैं।

पुलिस की जांच जारी

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त किए गए मोबाइल फोन में इन ऐप्स का वास्तविक उपयोग किस उद्देश्य से किया गया था। जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या इन माध्यमों का इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों, बैरिकेड तोड़ने, भीड़ को निर्देश देने या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के समन्वय के लिए किया गया था।

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Bridgefy, Briar, FireChat और BitChat जैसे ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप स्वयं अवैध नहीं हैं। इनका उपयोग आपदा, नेटवर्क विफलता, दूरदराज के क्षेत्रों या अन्य वैध परिस्थितियों में संचार के लिए भी किया जाता है। किसी भी कानूनी कार्रवाई का आधार इन ऐप्स का अस्तित्व नहीं, बल्कि उनका कथित उपयोग और जांच में मिलने वाले साक्ष्य होंगे।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

Author

riyasingh000043@gmail.com

Follow Me
Other Articles
Previous

“पुलिस वाले मुझे घसीट रहे थे और कान में कह रहे थे- इस सरकार को हटाइए”, राहुल गांधी का बड़ा दावा, वीडियो वायरल

Next

राहुल गांधी की कथित आय से अधिक संपत्ति मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, CBI से मांगा नया हलफनामा

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026 — Khabar Bharat Tak. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme
Samastipur News App
Samastipur News App Live Updates & Alerts
Download