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अजब गजब

Indian Railways: ट्रेन के AC कोच में हर दिन होता है यह शर्मनाक काम, लाखों बेडशीट-कंबल गायब, रेलवे सिस्टम पर बढ़ा दबाव

By riyasingh000043@gmail.com
July 14, 2026 2 Min Read
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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की एसी ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए दिए जाने वाले बेडरोल (चादर, कंबल, तकिया, तकिया कवर और फेस टॉवल) की चोरी लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में सामने आए आरटीआई (RTI) आधारित आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में करीब 1.27 करोड़ लिनेन (बेडरोल) आइटम गायब हो चुके हैं। इससे रेलवे के बेडरोल सेवा प्रदाताओं (ठेकेदारों) को करीब 104.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

सबसे ज्यादा क्या-क्या हो रहा है चोरी?

आंकड़ों के मुताबिक यात्रियों द्वारा सबसे अधिक फेस टॉवल चोरी किए जाते हैं। इसके अलावा चादर, तकिए के कवर, कंबल और यहां तक कि तकिए भी गायब हो रहे हैं।

  • फेस टॉवल: 46.54 लाख
  • चादरें: 41.13 लाख
  • तकिया कवर: 23.59 लाख
  • कंबल: 12.95 लाख
  • तकिए: 2.76 लाख

हर 1000 यात्रियों में एक यात्री ले जाता है सामान

रिपोर्ट के अनुसार, औसतन हर 1000 यात्रियों में से एक यात्री बेडरोल का कोई न कोई सामान अपने साथ ले जाता है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच ऐसी घटनाओं में लगभग 56% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

किन डिवीजनों में सबसे ज्यादा मामले?

आरटीआई के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक बेडरोल चोरी के मामले इन डिवीजनों से सामने आए हैं:

  • बीकानेर डिवीजन
  • रांची डिवीजन
  • दिल्ली डिवीजन
  • मुंबई डिवीजन
  • जोधपुर डिवीजन
  • अहमदाबाद डिवीजन

रेलवे को या ठेकेदारों को होता है नुकसान?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एसी कोचों में बेडरोल उपलब्ध कराने का काम निजी ठेकेदारों के माध्यम से कराया जाता है। यदि कोई चादर, कंबल या तौलिया चोरी हो जाता है, तो उसकी लागत का बोझ मुख्य रूप से ठेकेदारों पर पड़ता है। हालांकि, बार-बार नए लिनेन की खरीद और व्यवस्था के कारण रेलवे की संचालन प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।

यात्रियों से क्या है अपील?

रेलवे का कहना है कि बेडरोल केवल यात्रा के दौरान उपयोग के लिए दिया जाता है। यात्रा समाप्त होने पर इसे वापस करना प्रत्येक यात्री की जिम्मेदारी है। रेलवे ने यात्रियों से सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग करने और किसी भी प्रकार की चोरी या दुरुपयोग से बचने की अपील की है।

मुख्य बातें

  • पिछले 4 वर्षों में 1.27 करोड़ से अधिक बेडरोल आइटम गायब हुए।
  • सबसे ज्यादा चोरी फेस टॉवल, चादर और कंबल की हुई।
  • बेडरोल चोरी से सेवा प्रदाताओं को 104.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
  • वर्ष 2022 से 2025 के बीच चोरी की घटनाओं में 56% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
  • रेलवे ने यात्रियों से यात्रा समाप्त होने पर बेडरोल वापस करने की अपील की है।
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riyasingh000043@gmail.com

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2 Comments
  1. Rashmi Bhatnagar says:
    July 17, 2026 at 4:42 am

    Apne hi desh ko loot rahe hain. Behad sharmnaak. Government se ummed karte hain suvidha ki. Kaise possible hoga is selfish attitude se.A.C coach ke educated passengers se yeh attitude expect nahi kar sakte.

    Reply
  2. Dr Madhup Kumar B.Sahai says:
    July 17, 2026 at 12:56 pm

    जब 1000 में से सिर्फ एक यात्री ही चादर, तकिया, कंबल ले जा रहा है तो फिर लाखों की चोरी कैसे हो रही है ? कृपया पुष्टि करें, कहीं ऐसा तो नहीं कि यात्रियों की आड़ में रेलवे कर्मचारी ही हाथ साफ कर रहे हों। इसकी संभावना भी अधिक हो। यात्रियों से भी कभी मालुम करें कि उनमें क्या असंतोष है ।

    Reply

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