हरिद्वार: सावन माह के साथ शुरू हुई कांवड़ यात्रा के बीच खुद को एक्स मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक एक बार फिर चर्चा में हैं। सलीम वास्तिक अपने चार साथियों के साथ हरिद्वार पहुंचे हैं, जहां वे 6 अगस्त तक लगातार 9 दिनों तक हवन-यज्ञ करेंगे। इसके बाद 7 अगस्त को हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद स्थित डासना पीठ में भगवान शिव का जलाभिषेक करने की योजना है।
जानकारी के अनुसार, सलीम वास्तिक और उनके साथी शुरुआत में हरिद्वार की एक धर्मशाला में हवन कर रहे थे। इस दौरान धर्मशाला समिति के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद सलीम और उनके साथी दूसरे आश्रम में चले गए, जहां उन्होंने अपना हवन कार्यक्रम जारी रखने का फैसला किया।
सलीम वास्तिक ने दावा किया कि उन्हें पहले तय स्थान पर यज्ञ करने की अनुमति नहीं मिली, लेकिन उन्होंने कहा कि वे अपनी धार्मिक साधना और हवन किसी भी हाल में पूरा करेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनके कार्यक्रम पर नजर रखी हुई है।
क्या है उनकी मन्नत?
सलीम वास्तिक और उनके साथियों का कहना है कि उनकी कांवड़ यात्रा का उद्देश्य विश्व शांति, सामाजिक सौहार्द और देश में अमन-चैन की कामना करना है। समूह में शामिल सदस्यों ने बताया कि वे गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे और समाज में भाईचारे का संदेश देना चाहते हैं।
समूह में शामिल अनीषा बानो ने भी अपनी व्यक्तिगत मन्नत साझा करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों की सलामती और उनसे दोबारा मिलने की कामना के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हुई हैं।
इस बीच, कांवड़ यात्रा को देखते हुए हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।