नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 30 जुलाई को उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार सक्रिय मानसून और निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure System) के प्रभाव से कई इलाकों में जलभराव, तेज हवाएं और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
दिल्ली-NCR में फिर बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई दौर की बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी थी, ऐसे में लोगों को आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें प्रमुख रूप से—
- दिल्ली-एनसीआर
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
- झारखंड
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- कर्नाटक
- पश्चिम बंगाल
शामिल हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन का जोखिम बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
पूर्वी और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। IMD ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में नहीं रुकने और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
30 जुलाई को देश के कई राज्यों में मानसून का असर तेज रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि पहाड़ी राज्यों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और अनावश्यक यात्रा से बचना सुरक्षित रहेगा।