नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ चले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन ने कई नए चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इन्हीं में से एक नाम मोहम्मद इरफान का है, जो पेशे से हॉकर हैं और बर्फ बेचकर अपना परिवार चलाते हैं। आंदोलन के दौरान संविधान, लोकतंत्र, शिक्षा और मजदूरों के अधिकारों पर उनकी बेबाक राय ने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान खींचा।
वायरल इंटरव्यू के बाद इरफान की चर्चा इतनी बढ़ी कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उनसे मिलने खुद दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंच गए। इसके बाद इरफान की कहानी देशभर में चर्चा का विषय बन गई।
कौन हैं मोहम्मद इरफान?
करीब 35 वर्षीय मोहम्मद इरफान दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में रहते हैं। वह रोज बर्फ बेचकर अपनी आजीविका कमाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इरफान कभी औपचारिक रूप से स्कूल नहीं गए, लेकिन इसके बावजूद संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक मुद्दों पर उनकी समझ ने लोगों को प्रभावित किया।
CJP आंदोलन के दौरान मीडिया से बातचीत में दिए गए उनके जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। खासकर एक इंटरव्यू के बाद लाखों लोगों ने उनके विचारों को सुना और सराहा।
बिना स्कूल गए कैसे हासिल किया ज्ञान?
इरफान का कहना है कि उन्होंने पारंपरिक शिक्षा नहीं ली, बल्कि स्मार्टफोन, गूगल वॉयस सर्च और यूट्यूब को अपना शिक्षक बनाया। इन्हीं माध्यमों से उन्होंने भारतीय संविधान, देश के इतिहास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की।
उन्होंने संविधान की प्रस्तावना याद की और भगत सिंह की रचनाओं को भी पढ़ा। यही कारण रहा कि विभिन्न सवालों पर उन्होंने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखे, जिसने लोगों को प्रभावित किया।
आंदोलन में क्या कहा जो वायरल हो गया?
NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहे CJP आंदोलन के दौरान इरफान ने शिक्षा, स्वास्थ्य, टैक्स व्यवस्था और मजदूरों के अधिकारों पर खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि “जिंदगी सिर्फ दो वक्त की रोटी का नाम नहीं है, हर इंसान को सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिलना चाहिए।”
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कम आय वाला मजदूर भी हर खरीदारी पर टैक्स देता है, लेकिन उसकी समस्याओं पर पर्याप्त चर्चा क्यों नहीं होती।
इरफान ने यह भी मांग रखी कि 8 घंटे काम करने वाले प्रत्येक मजदूर को कम से कम ₹18,000 की न्यूनतम मासिक मजदूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राहुल गांधी पहुंचे इरफान के घर
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी स्वयं इरफान के घर पहुंचे। दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। राहुल गांधी ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा कीं।
बताया गया कि इस दौरान राहुल गांधी ने फोन पर प्रियंका गांधी से भी इरफान की बातचीत कराई और उन्हें संसद आने का निमंत्रण दिया।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इरफान जैसे युवाओं की सोच उनके आर्थिक हालातों की मोहताज नहीं होती। संविधान की समझ और देश के प्रति उनका नजरिया भारत के युवाओं की क्षमता को दर्शाता है।
अपने लिए नहीं, मजदूरों के लिए मांगी लड़ाई
इरफान की सादगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। बताया जाता है कि जब राहुल गांधी ने उनसे पूछा कि उन्हें किस तरह की मदद चाहिए, तो इरफान ने अपने लिए कोई व्यक्तिगत मांग नहीं रखी।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपने लिए कुछ नहीं चाहिए, बल्कि देश के गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहनी चाहिए। उन्होंने मजदूरों के शोषण को रोकने के लिए मजबूत कानून बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
नोट:
इस समाचार में वर्णित घटनाएं और दावे संबंधित व्यक्तियों के सार्वजनिक बयानों, मीडिया इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित हैं। जिन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, उन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।