नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ 35 दिनों तक चला आंदोलन अब समाप्त हो गया है। इस प्रदर्शन में देशभर से बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किया था, जिसने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई थी। आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कई समर्थक इस अभियान की बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।
आंदोलन की समाप्ति के साथ ही CJP के संस्थापक और अध्यक्ष अभिजीत दीपके एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार वजह आंदोलन नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी है। अभिजीत की मां ने बताया है कि आंदोलन खत्म होने के बाद उनके बेटे के लिए शादी के रिश्तों की संख्या पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है।
आंदोलन के बाद बढ़े शादी के प्रस्ताव
एक मीडिया इंटरव्यू में अभिजीत दीपके के माता-पिता ने आंदोलन की सफलता पर खुशी जाहिर की। बातचीत के दौरान जब अभिजीत की शादी को लेकर सवाल पूछा गया तो उनकी मां ने कहा कि पहले भी उनके लिए रिश्ते आते थे, लेकिन आंदोलन के बाद लगातार फोन आ रहे हैं और प्रस्तावों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अभिजीत को आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम से बाहर आने के लिए थोड़ा समय दिया जाना चाहिए। परिवार अभी शादी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता और उचित समय आने पर ही इस विषय पर फैसला लिया जाएगा।
कैसी बहू चाहती हैं अभिजीत की मां?
जब उनसे पूछा गया कि वह अपने बेटे के लिए कैसी जीवनसाथी चाहती हैं, तो उन्होंने कहा कि पहले उनकी इच्छा थी कि बहू सरल स्वभाव की और सादगी पसंद करने वाली हो। हालांकि अब उनका मानना है कि अभिजीत अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने में सक्षम हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभिजीत जिस भी लड़की को अपना जीवनसाथी चुनेंगे, परिवार उनके निर्णय का सम्मान करेगा और पूरा समर्थन देगा। उनके अनुसार, समय बदल चुका है और आज के युवाओं को अपने जीवन के महत्वपूर्ण फैसले स्वयं लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
CJP के भविष्य को लेकर भी अटकलें
आंदोलन खत्म होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भविष्य में एक राजनीतिक दल का रूप लेगी या फिर यह केवल सामाजिक आंदोलन के रूप में ही काम करती रहेगी।
इस पर अभिजीत की मां ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उनका बेटा आगे क्या निर्णय लेने वाला है। उन्होंने इतना जरूर कहा कि अभिजीत जो भी फैसला करेंगे, परिवार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।
आंदोलन के बाद नई चर्चा
पेपर लीक के मुद्दे पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बाद CJP और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं लगातार जारी हैं। जहां एक ओर संगठन के भविष्य पर नजरें टिकी हैं, वहीं दूसरी ओर अभिजीत की निजी जिंदगी को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है।
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