नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने देश के युवाओं के नाम एक भावुक संदेश जारी किया। अपने इस्तीफे के बाद जारी पत्र में उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया और उन्होंने छात्रों के हितों तथा देश की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंप दिया।
‘यह मेरे व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं’
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि बीते 10 दिनों की घटनाओं से उनका मन बेहद व्यथित रहा। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का है। उनके अनुसार, छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक या कानूनी विवाद में नहीं उलझना चाहिए।
इस्तीफे की बताई वजह
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर और देशभर में बने हालात को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी “राष्ट्रविरोधी तत्व” मौजूदा स्थिति का फायदा न उठा सके, राष्ट्रीय एकता बनी रहे और छात्र अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
पूर्व शिक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग मिला। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद किया, जिनके साथ उन्हें काम करने का अवसर मिला।
छात्रों को दिया संदेश
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में युवाओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रम या भ्रामक जानकारी से दूर रहें और पूरी ऊर्जा के साथ अपनी पढ़ाई तथा भविष्य के निर्माण पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए राष्ट्रसेवा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और आगे भी वह देश और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।
NEET विवाद के बीच आया फैसला
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज है। उनके इस्तीफे को इसी घटनाक्रम के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।