नई दिल्ली: लंबे समय से चर्चा में चल रही IDBI Bank की रणनीतिक बिक्री अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कनाडा की निवेश कंपनी Fairfax Financial Holdings बैंक में सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी खरीदने की सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। प्रस्तावित सौदे की कीमत करीब 5.5 अरब डॉलर (लगभग ₹53,000 करोड़) बताई जा रही है। हालांकि, यह सौदा अभी विभिन्न नियामकीय मंजूरियों के अधीन है और इसकी आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
क्या है पूरा मामला?
भारत सरकार और LIC मिलकर IDBI Bank में करीब 60.7% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया चला रहे हैं। यह निजीकरण कार्यक्रम 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन मूल्यांकन और अन्य प्रक्रियात्मक कारणों से इसमें देरी हुई। अब संशोधित वित्तीय बोलियों के बाद Fairfax सबसे आगे माना जा रहा है।
क्यों खास है यह डील?
यदि यह सौदा पूरा होता है, तो इसे भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में से एक माना जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Fairfax ने अपनी बोली पहले की तुलना में बेहतर की है, जिसके बाद सरकार ने उसे प्राथमिकता दी है। हालांकि अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार, संबंधित नियामकों और अन्य आवश्यक संस्थाओं से मिलना अभी बाकी है।
क्या ग्राहकों को घबराने की जरूरत है?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपका IDBI Bank में बचत खाता, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), लोन या अन्य बैंकिंग सेवा है, तो फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
बैंक की सभी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। किसी भी निजीकरण प्रक्रिया के दौरान बैंकिंग संचालन, जमा राशि और ग्राहकों के अधिकार नियामकीय ढांचे के तहत सुरक्षित रहते हैं। यदि भविष्य में कोई बड़ा बदलाव होता है, तो उसकी जानकारी बैंक और नियामक संस्थाएं आधिकारिक रूप से जारी करेंगी।
सरकार क्यों बेच रही है हिस्सेदारी?
सरकार पिछले कुछ वर्षों से सार्वजनिक उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी घटाने और रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) की नीति पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य संसाधन जुटाना, बैंकों में निजी निवेश आकर्षित करना और संचालन क्षमता बढ़ाना बताया गया है।
अभी क्या बाकी है?
हालांकि Fairfax सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, लेकिन सौदा अभी अंतिम रूप से पूरा नहीं हुआ है। नियामकीय मंजूरियां, शेयर हस्तांतरण और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही निजीकरण प्रभावी होगा। IDBI Bank ने भी शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा है कि उसे इस संबंध में सरकार से कोई अंतिम आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।