मौलाना जर्जिस अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण पर बयान से विवाद, गिरफ्तारी की मांग तेज

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में मौलाना यह दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि “भगवान श्रीकृष्ण मुस्लिम थे और दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे।” उनके इस बयान के बाद कई हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, वायरल वीडियो झारखंड में आयोजित एक धार्मिक सभा का बताया जा रहा है। अपने संबोधन के दौरान मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवद्गीता के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए दावा किया कि श्रीकृष्ण की उपासना की शैली इस्लाम से मेल खाती है।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में लिखा है – ‘योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः’। मौलाना ने दावा किया कि इस श्लोक में भक्तों को पूरे शरीर के साथ पूजा करने का निर्देश दिया गया है। मौलाना ने आगे कहा कि भगवान कृष्ण स्वयं दिन में पाँच बार नमाज़ पढ़ते थे। हालांकि, कई संस्कृत विद्वानों और धार्मिक संगठनों ने इस व्याख्या को गलत बताते हुए इसका विरोध किया है।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूज़र्स ने मौलाना के बयान को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। वहीं कुछ लोगों ने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

संत समाज ने भी जताई नाराजगी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ हिंदू धार्मिक नेताओं ने भी बयान की निंदा की है। एक संत ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रशासन से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की गई है।

आधिकारिक कार्रवाई पर क्या अपडेट?

समाचार लिखे जाने तक मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस मामले में विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया था।