अजब-गजब

आपके पास है एक से ज्यादा बैंक एकाउंट तो हो जाये सावधान, नही तो बड़ा नुकसान होगा

You have more than one bank account so be careful otherwise there will be a big loss

जैसा कि आपको मालूम ही होगा कि देश के अंदर कुछ लोगों की ऐसी भी आदत है कि वह अपने पैसे को एक से अधिक बैंकों में जमा करके रखते हैं! हालांकि ऐसा कुछ लोगों के लिए जरूरी भी होता है लेकिन उनके लिए यह सावधान करने वाली भी खबर है दरअसल अगर आपका अकाउंट एक से अधिक बैंकों में है तो आपको कई प्रकार के नुकसान इसमें आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ अन्य नुकसान भी शामिल है!

दरअसल टैक्स और इन्वेस्टमेंट विशेषज्ञ भी इकलौते अकाउंट रखने की सलाह देते हैं उनका मानना है कि सिंगल बैंक अकाउंट रहने पर रिटर्न फाइल करना आसान हो जाता है और जाने-माने विशेषज्ञ अनिल कुमार गुप्ता का भी मानना है कि अगर बैंक कई बैंक में आपका खाता होता है तो सबसे पहले नुकसान आपको मेंटेनेंस को लेकर ही होता है दरअसल हर एक बैंक का अपना अलग-अलग चार्ज डेबिट कार्ड चार्ज सर्विस चार्ज अलग अलग होते हैं यानी कि कितने बैंकों में आपके खाते होंगे आपको उसके लिए अलग-अलग चार्जेज भी देने पड़ेगे! साथ ही अगर मिनिमम बैलेंस मेंटेन ही नहीं कर पाते तो इसके बदले बैंक भी आपसे तगड़ा चार्ज वसूल लेता है!

वहीं दूसरी ओर सिंगल बैंक अकाउंट में कई प्रकार से ग्राहकों को फायदा भी होता है इसके अंदर रिटर्न फाइल करने से लेकर आप की कमाई की पूरी जानकारी आसानी से हासिल हो जाती है जबकि अलग-अलग खाता होने की वजह से इसका मालूम ही चल पाना काफी परेशानी भरा होता है वही विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग में रहने से यह कैलकुलेशन मुश्किल हो जाती है ऐसे में टैक्स विभाग आपको नोटिस भी जारी कर सकते हैं!

वहीं दूसरी ओर सैलेरी इनकम के अलावा दूसरे छोर से होने वाली इनकम जैसे कैपिटल गैन इनकम या कोई भी इनकम हो उसकी जानकारी पहले से भरी होगी अभी तक टैक्सपेयर को इसका अलग से कैलकुलेशन करना होता था लेकिन इससे कई बार भूल जाने की वजह से उसको परेशानी भी हो जाती है वहीं इसके साथ ही उसका खाता भी इन एक्टिव होने का खतरा बना रहता है अगर किसी की सेविंग अकाउंट किया करंट अकाउंट में 1 साल तक कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं किया जाता है तो वह इन एक्टिव बैंक अकाउंट में बदल जाता है वही 2 सालों तक ट्रांजैक्शंस नहीं होने पर डॉर्मेंट अकाउंट या फिर इनॉपरेटिव अकाउंट में वह खाता बदल जाता है!

इतना ही नहीं बल्कि निजी बैंकों का मिनिमम बैलेंस चार्ज बहुत अधिक होता है जैसे कि एचडीएफसी का मिनिमम बैलेंस ₹10000 वहीं ग्रामीण इलाकों के लिए यह ₹5000 और यह बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर एक तिमाही की पेनल्टी यानी कि 750 रुपए तो इस तरीके का चार्ज अन्य निजी बैंकों का भी होता है वही मल्टीपल बैंक अकाउंट होने से सबसे अधिक नुकसान होता है हर महीने हजारों रुपए केवल मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने में ही लग जाते हैं इससे आपके इन्वेस्टमेंट पर भी काफी असर पड़ता है जिस पैसे पर आप को कम से कम 7 से 8% का रिटर्न मिलना चाहिए वह पैसा आपको मिनिमम बैलेंस के रूप में ही रखा रह जाएगा!

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