बॉलीवुड

जब मुस्लिम माँ बन गयी साध्वी तब पिता ने गोविंदा का चेहरा देखने से भी कर दिया था इंकार

दोस्तों बॉलीवुड में एक जमाना ऐसा था जब अपनी दमदार एक्टिंग और मुस्कान के चलते गोविंदा सब के दिलों पर राज करते थे सबको दीवाना बना कर रखे थे ऐसा माना जाता है कि गोविंदा जैसा अभिनेता कोई दूसरा ही नहीं वह हर फिल्म में हर किसी किरदार में फिट बैठ जाया करते थे उन्होंने अपनी कॉमेडी से लोगों को काफी हंसा कर रखा है दिलों पर राज भी किया है!

ऐसे में उनकी फिल्मों को भी लोग बार-बार ही बॉलीवुड की दुनिया में गोविंदा की एक अलग ही पहचान है और उनका नाम मशहूर है वह मशहूर अभिनेताओं की लिस्ट में टॉप पर रहते हैं उनके नाम से लेकर उनकी एक्टिंग के लोग काफी ज्यादा दीवाने हैं और उनको कभी नहीं भुला सकते!

90 के दशक में गोविंदा ने एक से बढ़कर एक फिल्मों के अंदर कार्य किया है उनकी हर एक फिल्म हिट रहती है यहां तक कि गोविंदा के साथ जो भी अभिनेत्री काम करती है मैं भी सुपरहिट हो जाती थी गोविंदा ने मशहूर अभिनेत्री करिश्मा कपूर रानी मुखर्जी रवीना टंडन आदि सभी अभिनेत्रियों के साथ काम किया है!

वही गोविंदा फिल्मी दुनिया में कितना ज्यादा फेमस हुए हैं उसके लिए उतनी ही ज्यादा मेहनत और संघर्ष करना पड़ा था उनके संघर्ष के पीछे एक कहानी भी हैं जिसका जिक्र उन्होंने एक इंटरव्यू किया था बॉलीवुड तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था क्योंकि उनकी मां चाहती थी कि वह बैंक में जॉब करें!

इससे भी बड़ी बात तो यह रही है कि उनके जन्म के बाद उनके पिता ने गोविंदा को गोद में उठाने से इंकार कर दिया था यह बात तो आप जानते ही होंगे कि गोविंदा की मां पहले मुस्लिम थी लेकिन शादी हो जाने के बाद उन्होंने अपना धर्म बदल कर हिंदू धर्म को अपना लिया था वही गोविंदा के पिता का नाम अरुण आहूजा है और माता का नाम निर्मला देवी है गोविंदा का जन्म की बात की जाए तो उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ था!

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान गोविंदा ने अपनी निजी जिंदगी की उस कहानी का भी जिक्र किया है जिसको वह बरसों से दिल में छुपाए बैठे थे उन्होंने बताया है कि जब वह मां के पेट में थे तो निर्मला देवी साध्वी बन गई थी वह हिंदू धर्म से इतनी ज्यादा प्रभावित हो गई थी कि उन्होंने घर में रहकर साध्वी जैसी जीना शुरु कर दिया था!

अरुण आहूजा इसकी वजह से गोविंदा को मानते थे इसलिए जब गोविंदा पैदा हुए तो उन्होंने बेटे को उठाने या फिर उसका मुंह देखने से ही निकाल कर दिया था तब जाकर आसपास के लोगों ने अरुण आहूजा को काफी समझाया और उन्होंने गोविंदा को पकड़ा था उसके बाद गोविंदा को अपने पिता के करीब आने में काफी साल लग गए!

लेकिन जल्द ही वह समय भी नजदीक आ गया जब बाप और बेटे के बीच की दूरियां खत्म हो गई और ऐसे में उनके पिता चाहते थे कि गोविंदा एक अभिनेता बने लेकिन उनकी मां बिल्कुल नहीं चाहती थी वह चाहती थी कि गोविंदा बैंक में ही नौकरी करें! जबकि गोविंदा की माता और पिता दोनों ही स्टार्ट थे तो ऐसे में उनको बचपन से ही एक्टिंग विरासत में मिली थी तो इसलिए उन्होंने अपने पिता की बात मानते हुए एक्टर बनने का रास्ता चुना!

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