बॉलीवुड

अपने पिता से इस हरकत की वजह से नफ़रत करती है रेखा,इस वजह से नही लगाती उनका सरनेम

जैमिनी की बात करें तो फिल्मी करियर में अपना कदम रखने से पहले वह मद्रास के कॉलेज में लेक्चरर के पद पर तैनात थे, लेकिन वह नौकरी छोड़ एक्टिंग की दुनिया में अपना कदम रखना चाहते थे. और इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने प्रोडक्शन एक्टिविटी के तौर पर स्टूडियो में काम करना शुरू किया.

बॉलीवुड की एवरग्रीन एक्ट्रेस कही जाने वाली रेखा के पिता जेमिनी गणेशन कि आज 101 बर्थ एनिवर्सरी है हम आपको बता दें कि उनका जन्म सन 1920 में तमिलनाडु में हुआ था. अधिकतर साउथ फिल्में एवं कुछ बॉलीवुड फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाने वाले गणेशन अपने निजी जीवन को लेकर हमेशा चर्चा में रहे हैं. हम आपको बता दें कि उनकी कुल 4 महिलाओं के साथ रिलेशन थे जिनमें से एक के साथ उन्होंने शादी की थी.

हम आपको बता दें कि उन्होंने अपने फिल्मी कैरियर में तमिल तेलुगु कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में काम किया है. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें साउथ फिल्मों का रोमांस किंग कहा जाता था.

जैमिनी की बात करें तो फिल्मी करियर में अपना कदम रखने से पहले वह मद्रास के कॉलेज में लेक्चरर के पद पर तैनात थे, लेकिन वह नौकरी छोड़ एक्टिंग की दुनिया में अपना कदम रखना चाहते थे. और इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने प्रोडक्शन एक्टिविटी के तौर पर स्टूडियो में काम करना शुरू किया.

हम आपको बता दें कि अपने युवा समय में जैमिनी दिखने में काफी हैंडसम थे. उन्होंने साल 1947 में अपने दौर के अदाकारा और रेखा की मां पुष्पा वाली के साथ फिल्म की थी. इस फिल्म में काम करने के बाद इन दोनों के बीच में नजदीकियां बढ़ने लगी और कुछ समय बाद ही जैमिनी स्टूडियोज उन्होंने छोड़ दिया और अपने नाम का एक नया स्टूडियो खोल दिया.

गौरतलब है कि यह दोनों जब मिले तब गणेशन पहले से शादीशुदा थे. सन 1954 में इन दोनों के अफेयर ने खूब सुर्खियां बटोरी और पुष्पा वली एक बेटी की बिन ब्याही मां बन गई और उन्होंने इस बेटी का नाम भानुरेखा रखा था. इन्हीं भानु रेखा को आज हम रेखा के नाम से जानते हैं.

हम आपको बता दें कि रेखा अपने नाम के साथ कभी भी अपने पिता का टाइटल नहीं जुड़ती है इसका कारण यह था कि समाज के लिए वह अपने पिता की नाजायज औलाद थी. और उनके पिता ने भी कभी भी सार्वजनिक तौर पर उन्हें अपनी बेटी स्वीकार नहीं किया था.

हम आपको बता दें कि पुष्पा वली के मौत के 300 जैमिनी को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया और खास बात यह रही कि यह पुरस्कार उन्हें रेखा ने दिया और उनके पैर छुए. अवार्ड लेने के बाद जैमिनी ने या बयान दिया कि उन्हें इस बात की खुशी है कि यह अवार्ड उन्होंने अपनी मुंबई वाली बेटी के हाथ से लिया है.

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