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रवीश कुमार को रास नही आया स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कहा,वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति की जगह सरकार को लोगो को रोजगार देना चाहिए था।

Ravish Kumar on statue of unity: भारत सरकार के द्वारा स्टैचू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) का निर्माण किया गया था! अब एनडीटीवी पत्रकार रवीश कुमार ने स्टैचू ऑफ यूनिटी को लेकर सरकार के ऊपर निशाना साधा है! उन्होंने इस सिलसिले में फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा है और साथ ही अपने शो का लिंक भी दिया है! रवीश कुमार ने इस पोस्ट का शीर्षक दिया है कि आओ अपना घर ब र्बाद करें किसी महापुरुष को याद करें!

Ravish Kumar on statue of unity: एनडीटीवी के जाने-माने पत्रकार रवीश कुमार (Ravish Kumar, NDTV) जो कि हमेशा से सरकार की नीतियों के ऊपर सवाल खड़े करते आए! ऐसे में चाहे फिर वह कोई भी सिचुएशन हो रवीश कुमार को कोई ना कोई एंगल दिख ही जाता है जिसके चलते वह सरकार के ऊपर निशाना साध देते हैं! अपने आप को निरपक्ष पत्रकार बताने वाले रवीश कुमार (Ravish Kumar Facebook Post) अपनी बात को रखने के लिए हमेशा सोशल मीडिया का माध्यम अपनाते है और फेसबुक के माध्यम से ही अपनी बात को लोगों के बीच तक पहुंचा देते हैं हालांकि उनका एक सो प्राइम टाइम (Ravish Kumar Show Prime Time) भी आता है जिसमें वह सरकार की नीतियों और देश में चल रहे मुद्दों को लेकर भी बातचीत करते हैं!

वही आपको बता दें कि हाल ही में भारत सरकार के द्वारा स्टैचू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) का निर्माण किया गया था! अब एनडीटीवी पत्रकार रवीश कुमार ने स्टैचू ऑफ यूनिटी को लेकर सरकार के ऊपर निशाना साधा है! उन्होंने इस सिलसिले में फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा है और साथ ही अपने शो का लिंक भी दिया है! रवीश कुमार ने इस पोस्ट का शीर्षक दिया है कि आओ अपना घर ब र्बाद करें किसी महापुरुष को याद करें!

रवीश कुमार का पोस्ट में कहना (Ravish Kumar on statue of unity) है कि जिस तरीके से मूर्तियों और स्मारकों की स्थापना ओं को लेकर भग दड़ मची है लगता नहीं है कि इनका वास्ता किसी को याद करने से हैं! सरकार के खजाने से ऊंची ऊंची मूर्तियां बन जाती है जनता के पास इलाज के पैसे नहीं है लेकिन कई सौ करोड़ों की मूर्तियां बन जाती है!

वही रवीश कुमार आगे लिखते हैं कि करोड़ो रुपए लगाकर याद करने का यह सिलसिला थमने का नाम ही नहीं रहता है मेरी तो सरकार से गुजारिश है कि वह युवाओं को नौकरी उनकी जाति के 2, धर्म के चार और राष्ट्र के 6 महापुरुषों की लघु मूर्तियों से भरा एक थैला दे दें ताकि वह गर्व के भाव से भरा रहे! आए दिन किसी न किसी मूर्ति की आधारशिला रखी जा रही हैं और अनावरण किया जा रहा है! राजनीति कितना आसान हो गए हैं, 2 मूर्ति लगाकर नेता सीना चौड़ा कर लेता है कि वह समाज और धर्म के लिए कार्य कर रहा है! हिंदी प्रदेशों की आय न्यूनतम स्तर पर है समाज को का निर्माण और उनकी राजनीति अधिकतम स्तर पर है!

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