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अब गृह मंत्रालय करने जा रहा है यह बड़ा काम, ई पोर्टल भी तैयार

हाल ही में बॉलीवुड के अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को लेकर काफी सुर्खियां बनी है और अब जिस तरीके से बॉलीवुड को लेकर हमेशा से खबर आती रही हैं तो ऐसे में गृह मंत्रालय की ओर से एक बड़ा काम होने जा रहा है! दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब तक dr-gs त स्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है! जानकारी ऐसी मिल रही है कि dr-gs त स्करी के मामले से निपटने के लिए नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (ENCORD) की स्थापना की गई है! इसके साथ ही बड़े मामलों की उच्च स्तरीय निगरानी के लिए SIMS (सीजन इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम) भी बनाया गया है!

इस तरह मिलेगी सफलता

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि dr-gs की त स्करी का पता लगाने में एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और निगरानी प्रणाली कारगर साबित हो रही है। इसकी मदद से आ तंकी गति विधियों की तरह dr-gs की त स्करी पर नकेल कसने में सफलता मिलेगी।

इस प्रकार रीयल टाइम इनपुट का आदान-प्रदान होता है

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हालांकि एनकॉर्ड का गठन 2016 में ही हुआ था, लेकिन 2019 में इसका विस्तार जिला स्तर तक कर दिया गया। इसके तहत जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक dr-gs की त स्करी के हर मामले में एजेंसियों के बीच सूचनाओं का रीयल टाइम आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाता है. इस कारण एक जिले में मिली सूचना के आधार पर देश के किसी भी हिस्से में न शा त स्करों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है.

काम शुरू

अधिकारी ने कहा कि कोरोना के कारण 2020 और 2021 के पहले छह महीनों में एनकॉर्ड के काम में कुछ व्यवधान आया था, लेकिन अब यह पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया है और देश भर में बड़े पैमाने पर dr-gs की जब्ती को इसकी सफलता के रूप में देख जा रहा है।

समन्वय के लिए समिति का गठन

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि dr-gs की त स्करी से निपटने के लिए पहले केवल एनसीबी ही जिम्मेदार था, लेकिन यह अधिकार डीआरआई, बीएसएफ, एसएसबी, तटर क्षक बल, आरपीएफ और एनआईए को भी दिया गया है. उनके बीच समन्वय के लिए 2019 में एक समिति का गठन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता एनसीबी के महानिदेशक ने की है।

ई-पोर्टल तैयार

अन्य एजेंसियों के साथ एडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई करने में अनुभव की कमी के कारण, सिम्स (सीज़र सूचना प्रबंधन प्रणाली) नामक एक ई-पोर्टल भी तैयार किया गया है। dr-gs की त स्करी का हर मामला इस पोर्टल पर उपलब्ध है और उन पर की जा रही कार्रवाई की निगरानी एनसीबी द्वारा की जाती है।

26 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते

सरकार देश में न शा त स्करों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ दूसरे देशों में फैले त स्करों के रै केट के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इसके लिए 26 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

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