अप्रैल का महीना आते ही काफी नियम बदल चुके हैं और ऐसे में आप लोगों को यह नियम सभी जान लेना भी चाहिए क्योंकि यह सभी नियम आपकी किस्मत को भी बदलने वाले हैं आपकी जब को भी ढीला कर सकते हैं तो लिए जान लेते हैं कि अप्रैल के महीने में आखिरकार किन नियम के अंदर बदलाव हो गया है क्योंकि जानकारी मिल रही है कि यूपीआई से लेकर टैक्स तक सब कुछ बदल चुका है. आइए नजर डालते हैं
UPI से जुड़े नए नियम-
NPCI ने UPI से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। निष्क्रिय मोबाइल नंबरों पर UPI ट्रांजेक्शन बंद हो जाएंगे। इससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।
दवाएं महंगी होंगी-
सरकार ने एलएलईएम के तहत दवाओं की कीमतों में 1.74 फीसदी की बढ़ोतरी की अनुमति दी है। इससे बुखार, मधुमेह, एलर्जी समेत कई सामान्य बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं महंगी हो जाएंगी। इस सूची में विटामिन, मिनरल, पैरासिटामोल जैसी दवाएं शामिल हैं।
FD से जुड़े नए नियम-
वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलने जा रही है। टीडीएस कटौती को दोगुना कर दिया गया है। पहले यह 50,000 रुपये था, लेकिन 1 अप्रैल से टीडीएस कटौती 1 लाख रुपये होगी। इसका मतलब है कि अब वरिष्ठ नागरिकों को फिक्स्ड डिपॉजिट या रेकरिंग डिपॉजिट से 1 लाख रुपये तक की ब्याज आय पर टीडीएस नहीं लगेगा।
इनपुट टैक्स डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लागू होगा-
कारोबार करने वालों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट सिस्टम के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। यह नियम आज से लागू हो जाएगा। ऐसा न करने पर जुर्माना लग सकता है।
लाभांश और म्यूचुअल फंड से जुड़े नए नियम-
सरकार ने लाभांश आय पर टीसीएस की सीमा को 5000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति वित्तीय वर्ष कर दिया है। म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों से जुड़े नियम सख्त होंगे। अब यूजर्स को केवाईसी और नॉमिनी की जानकारी सत्यापित करनी होगी। ऐसा न करने पर अकाउंट फ्रीज हो सकता है। इस संबंध में बाजार नियामक सेबी ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को निर्देश भी जारी किए हैं।
TAX से जुड़े नए नियम होंगे-
विदेशी लेनदेन पर आरबीआई की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के लिए टीसीएस की सीमा बढ़ने जा रही है। इसे 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने विशिष्ट वित्तीय संस्थान से शिक्षा ऋण के लिए टीसीएस कटौती को हटाने का फैसला किया है।
मकान मालिकों के लिए किराए में कटौती पर टीडीएस कटौती की सीमा को 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये प्रति वित्तीय वर्ष कर दिया गया है।
1 अप्रैल से 80सी जैसी पुरानी कर व्यवस्था में छूट का लाभ उठाने के लिए अलग से आवेदन करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था डिफॉल्ट होगी।
नया टैक्स स्लैब लागू होगा। जिसके तहत 12 लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वेतनभोगी कर्मचारियों को 75 हजार रुपये की टैक्स कटौती का लाभ मिलेगा।
बैंकिंग से जुड़े नए नियम-
न्यूनतम बैंक बैलेंस से जुड़े नियम सख्त होंगे। बैंक बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस की सीमा बढ़ा सकते हैं। ग्राहकों को शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के हिसाब से खाते में न्यूनतम राशि रखनी होगी। एसबीआई, पीएनबी समेत कई बैंकों ने नियमों में बदलाव किया है।
एसबीआई और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। कुछ क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड प्वाइंट, फ्री वाउचर और माइलस्टोन बेनिफिट बंद करने का ऐलान किया गया है। चेक पेमेंट से जुड़े नियम भी बदल सकते हैं। 50,000 रुपये से ज्यादा की रकम के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम जरूरी होगा। धोखाधड़ी के मामलों को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव-
तेल कंपनियां महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी करती हैं।
एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस)-
अगस्त 2024 में शुरू की गई एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) भी लागू की जाएगी, जो पुरानी पेंशन प्रणाली की जगह लेगी और इससे लगभग 23 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारी प्रभावित होंगे, जिनमें कम से कम 25 साल की सेवा वाले कर्मचारी भी शामिल हैं, उन्हें पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन मिलेगी।
नई जीएसटी सुरक्षा सुविधा-
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे में भी नए संशोधन देखने को मिलेंगे, जिसमें जीएसटी पोर्टल तक पहुँचने वाले करदाताओं के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) नामक एक नई सुरक्षा सुविधा अनिवार्य हो जाएगी। इसके अलावा, ई-वे बिल (ईडब्ल्यूबी) केवल उन आधार दस्तावेजों के लिए बनाए जाएँगे जो 180 दिनों से अधिक पुराने नहीं हैं।