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सरसों तेल के खरीदारों के लिए आई खुशखबरी, साथ में मूंगफली के तेल में भी गिरावट दर्ज, जानें मंडी के ताजा भाव…

देश की जनता पर कोरोना वायरस और मंहगाई की पड़ रही दोहरी मार के बीच सरसों के तेल की कीमत (mustard oil price) को लेकर एक राहत की खबर सामने आई है। एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल और खाद्द तेलों के दाम आसमान छू रहे है, वहीं इस बीच जनता की जेब का थोड़ा भार कम करते हुए सरकार ने खानें के तेल की खुदरा कीमतों में 20 से 25 रुपए तक की कटौती की है। हालांकि अभी भी देश के कुछ जिलों के दुकानदारों के पास दाम कम होने से पहले के प्रिंट रेट का कोटा उपलब्ध है। जिसका फायदा उठाते हुए दुकानदार उसी दाम पर बेचकर लोगों को चूना लगाने की कोशिश में लगे हैं।

इन तेल कंपनियों ने की 20-25 रुपए प्रति लीटर की कटौती

आपको बता दें कि सरकार की तरफ से आम जनता को थोड़ी राहत देते हुए सरसों के तेल (mustard oil price) में 20-25 रुपए की कटौती की गई है। जिसके बाद मौजूदा समय में बाजारों में 1 लीटर सरसों तेल की कीमत 175 रुपये से लेकर 200 रुपये तक है। इसमें पी-मार्का, म्यूर, पतंजलि, इंजन व अन्य शामिल हैं। पहले 200-225 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। वहीं रिफाइंड तेल की कीमत में भी कमी हुई थी, जिसके बाद 150 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। वहीं, पेट्रोल और डीजल के दामों में आई कमी का असर अब अन्य खाद्य वस्तुओं पर भी दिखने लगा है।

इन तेल कंपनियों ने कम कए अपने दाम

मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, जिन अन्य कंपनियों ने खाद्य तेलों की कीमतों (Edible Oil Price) में कमी की है, वे हैं जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया, हैदराबाद, मोदी नैचुरल्स, दिल्ली, गोकुल री-फॉयल एंड सॉल्वेंट, विजय सॉल्वेक्स, गोकुल एग्रो रिसोर्सेज और एन के प्रोटीन्स शामिल है।

वैश्विक उत्पादन में कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय कीमतें दबाव में

आपको बता दें कि दुनियाभर में भारत खाद्य तेलों के सबसे बड़े आयातकों में से एक है क्योंकि इसका घरेलू उत्पादन इसकी घरेलू मांग को पूरा करने में असमर्थ है। देश में खाद्य तेलों की खपत का लगभग 56-60 प्रतिशत आयात के माध्यम से पूरा किया जाता है। मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक उत्पादन में कमी और निर्यातक देशों द्वारा निर्यात कर/लेवी में वृद्धि के कारण खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतें दबाव में हैं। इसलिए खाद्य तेलों की घरेलू कीमतें आयातित तेलों की कीमतों (Edible Oil Price) से तय होती हैं।

जबकि, इंदौर में सोयाबीन रिफाइंड 40 रुपये और पाम तेल के भाव में 50 रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी रही।तेल रहित खल (डीओसी) की मांग कमजोर होने से सोयाबीन तिलहन और मूंगफली तिलहन के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। बिनौला तेल में भी गिरावट देखी गई। मलेशिया एक्सचेंज की जोरदार गिरावट से कच्चा पामतेल और पामोलीन के भाव में भी गिरावट आई। बाकी तेल-तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे।

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