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Asaduddin Owaisi Reply on Rajnath Singh: राजनाथ सिंह के सावरकर के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया

Asaduddin Owaisi Reply on Rajnath Singh: राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने बयान में वीर सावरकर को बीसवीं पक्का राष्ट्रवादी और भारत का पहला सैन्य रणनीतिकार बताया था! अब रक्षा मंत्री के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने भी अपनी प्रतिक्रिया को जाहिर (Asaduddin Owaisi Reply on Rajnath Singh) किया!

Asaduddin Owaisi Reply on Rajnath Singh: भारतीय जनता पार्टी के नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने बयान में वीर सावरकर को बीसवीं पक्का राष्ट्रवादी और भारत का पहला सैन्य रणनीतिकार बताया था! अब रक्षा मंत्री के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने भी अपनी प्रतिक्रिया को जाहिर (Asaduddin Owaisi Reply on Rajnath Singh) किया! ओवैसी का कहना है कि उन्होंने यानी कि भाजपा सरकार ने इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश करना शुरू कर दिया है! उनका कहना है कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो 1 दिन वह महात्मा गांधी को हटा देंगे और वीर सावरकर को राष्ट्रपिता बना देंगे!

सावरकर को बना देंगे राष्ट्रपिता: ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि जिस यानी सावरकर पर महात्मा गांधी की ह त्या का आ रोप था और उन्हें जस्टिस जीवनलाल कपूर की जांच में दो षी करार दिया गया था इन यानी राजनाथ सिंह के द्वारा उनके कसीदे पढ़े जा रहे हैं! असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि वह विकृत इतिहास पेश कर रहे हैं और यह देश के लिए सही रहे हैं!

रक्षा मंत्री ने कही थी यह बात

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में एक पुस्तक के विमोचन के दौरान बयान दिया था कि सावरकर के बारे में विरोधियों के द्वारा कई झूठ फैलाए गए! इस दौरान राजनाथ सिंह का कहना था कि सावरकर के बारे में बार-बार यह खिलाया गया है कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार के समक्ष दया याचिका दायर कर जे ल से खुद की रिहाई मांगी थी लेकिन सच तो यह है कि महात्मा गांधी ने ही उनको दया याचिका दायर करने के लिए कहा था!

वहीं उन्होंने आगे यह भी कहा कि सावरकर भारत के पहले सैन्य रणनीति कौन थे महात्मा गांधी के अनुरोध पर ही उन्होंने अंग्रेजों के समक्ष दया याचिका दायर की थी ऐसा इसलिए किया गया था ताकि वह रिहा हो जाए और आजादी के आंदो लन को और मजबूत किया जा सके! राजनाथ सिंह आगे कहते हैं कि सावरकर के लिए एक आदर्श राज्य में है तथा जहां के नागरिकों में उनकी संस्कृति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाए और इसके लिए हिंदुत्व को गहराई से समझने की जरूरत होगी!

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