नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश की मुद्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बैंक अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर (प्लास्टिक) के नोट जारी करने की योजना पर काम कर रहा है। यदि सभी तैयारियां तय समय पर पूरी होती हैं, तो भारत में भी जल्द प्लास्टिक से बने नोट लोगों के हाथों में दिखाई दे सकते हैं।
क्या होते हैं पॉलिमर (Plastic) नोट?
पॉलिमर नोट सामान्य कागज से नहीं बल्कि विशेष प्रकार की सिंथेटिक प्लास्टिक फिल्म से बनाए जाते हैं। इन नोटों पर विशेष तकनीक से छपाई की जाती है, जिससे ये पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत, लचीले और लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पॉलिमर नोट जल्दी फटते नहीं हैं, नमी और गंदगी का असर भी इन पर कम पड़ता है। यही कारण है कि कई देशों ने वर्षों पहले इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया था।
30 साल से कई देशों में हो रहा इस्तेमाल
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि दुनिया के कई देशों में 30 वर्षों से अधिक समय से पॉलिमर नोटों का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। इन देशों का अनुभव बताता है कि प्लास्टिक के नोट कागजी नोटों की तुलना में कहीं अधिक समय तक चल सकते हैं।
भारत में भी शुरुआत में इनका उपयोग कम मूल्य वर्ग के नोटों में किए जाने की संभावना है, क्योंकि इन नोटों का सबसे अधिक लेन-देन होता है और ये जल्दी खराब हो जाते हैं।
कब तक आएंगे नए नोट?
संजय मल्होत्रा ने कहा कि यदि सभी योजनाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर नोटों को चलन में लाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, नोटों का डिज़ाइन, मूल्यवर्ग और चरणबद्ध लॉन्च को लेकर विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
प्लास्टिक के नोटों के फायदे
पॉलिमर नोट लागू होने के बाद कई फायदे देखने को मिल सकते हैं:
- कागजी नोटों की तुलना में कई गुना अधिक टिकाऊ होंगे।
- जल्दी फटेंगे या खराब नहीं होंगे।
- नमी और गंदगी का असर कम होगा।
- नकली नोट बनाना अपेक्षाकृत अधिक कठिन होगा।
- बार-बार नए नोट छापने की जरूरत कम पड़ सकती है, जिससे लंबे समय में लागत में भी कमी आ सकती है।
महंगाई पर भी बोले RBI गवर्नर
मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आरबीआई गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक के भविष्य के सभी फैसले आर्थिक आंकड़ों के आधार पर लिए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि RBI का मुख्य उद्देश्य मध्यम अवधि में खुदरा महंगाई को 4 प्रतिशत के लक्ष्य के आसपास बनाए रखना है।
उन्होंने संकेत दिया कि ब्याज दरों और मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले भी आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई के आंकड़ों को ध्यान में रखकर ही लिए जाएंगे।
क्या आम लोगों को पुराने नोट बदलने होंगे?
फिलहाल RBI ने पुराने कागजी नोटों को तुरंत बंद करने या बदलने की कोई घोषणा नहीं की है। संभावना है कि नए पॉलिमर नोट मौजूदा नोटों के साथ ही समानांतर रूप से चलन में आएंगे और समय के साथ इनका उपयोग बढ़ाया जाएगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय और विस्तृत दिशा-निर्देश RBI द्वारा जारी किए जाएंगे।
मुख्य बातें
- RBI अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर (प्लास्टिक) नोट लॉन्च करने की तैयारी में।
- प्लास्टिक नोट कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले होंगे।
- शुरुआत कम मूल्य वर्ग के नोटों से हो सकती है।
- कई देशों में पिछले 30 वर्षों से सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है।
- RBI ने महंगाई को 4% के लक्ष्य के अनुरूप बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।