हे दोस्तों! अगर आप सोशल मीडिया या नेशनल न्यूज़ फॉलो कर रहे हैं, तो आपने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उनके फाउंडर अभिजीत दीपके का नाम ज़रूर सुना होगा। NEET पेपर लीक आंदोलन से अचानक सुर्खियों में आई यह पार्टी इन दिनों एक नए विवाद के घेरे में आ गई है।
सवाल उठाए जा रहे हैं अभिजीत दीपके की अमेरिका में हुई पढ़ाई से लेकर पार्टी को मिलने वाले पैसों (Funding) तक पर। तो चलिए, बिना किसी ड्रामे के, एकदम आसान शब्दों में समझते हैं कि यह पूरा मामला आखिर है क्या!
सूरत के एक RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने आरटीआई के जरिए अभिजीत दीपके पर गंभीर सवाल उठाया है।
— Dr. Harish Chandra Burnwal (@hcburnwal) August 2, 2026
अमित तिवारी ने सवाल पूछा है कि अभिजीत दीपके के पिता की अधिकतम सैलरी रिटायरमेंट के समय 60-65 हजार रुपये थी, फिर ये अभिजीत दीपके अमेरिका में लाखों रुपये हर महीने खर्च करके कैसे पढ़ रहा था pic.twitter.com/yWeSTghTj6
‘अमेरिका की पढ़ाई का खर्च कहां से आया?’ — विवाद की शुरुआत
इस पूरे विवाद की शुरुआत 1 अगस्त को हुई, जब सूरत के रहने वाले एक RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार और अन्य संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई।
- एक्टिविस्ट का सवाल: अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके महाराष्ट्र सरकार के MIDC विभाग में एक जूनियर इंजीनियर रहे हैं (जो अब रिटायर हो चुके हैं)।
- आरोप: अमित तिवारी का कहना था कि जिस सरकारी कर्मचारी की सैलरी महीने में ₹60,000 से ₹65,000 रही हो, वो अपने बच्चे को पढ़ाई के लिए अमेरिका जैसे महंगे देश कैसे भेज सकता है?
अभिजीत दीपके का पलटवार: ‘मेरे पास स्कॉलरशिप का लेटर है!’
India Today और Times of India को दिए इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने इन सभी आरोपों पर खुलकर बात की और विरोधियों को करारा जवाब दिया:
- यूनिवर्सिटी लेटर का खुलासा: उन्होंने साफ किया कि उनके परिवार ने किसी अघोषित संपत्ति से उन्हें विदेश नहीं भेजा। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी बोस्टन यूनिवर्सिटी (Boston University) का स्कॉलरशिप लेटर भी दिखाया।
- एजुकेशन लोन: दीपके ने बताया कि पढ़ाई का मुख्य खर्च स्कॉलरशिप से कवर हुआ था। इसके अलावा जो पैसे कम पड़े, उसके लिए उन्होंने एजुकेशन लोन लिया था, जिसकी EMI वे आज भी चुका रहे हैं।
NEET आंदोलन और दिल्ली पुलिस का अनसुना किस्सा
#WATCH छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, "… प्रधानमंत्री मोदी को उन छात्रों से माफ़ी मांगनी चाहिए जिन पर 20 जुलाई को लाठीचार्ज हुआ, जिन्हें सिर में चोटें आईं, पेलेट गन से ज़ख्म हुए और हाथ-पैर टूटने जैसी गंभीर चोटें आईं।… pic.twitter.com/ZssxXhI1c2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 1, 2026
देशभर में हुए NEET विरोध प्रदर्शनों को याद करते हुए अभिजीत ने कहा कि इस आंदोलन को किसी बड़े कॉर्पोरेट घराने ने नहीं, बल्कि आम जनता ने संभाला था।
“जो लोग प्रदर्शन में शामिल थे, वे जानते हैं कि हमें आम लोगों से कितना समर्थन मिला। लोग खुद हमारे लिए खाना दान कर रहे थे और अपनी पानी की बोतलें साथ लेकर आ रहे थे।”
इतना ही नहीं, उन्होंने एक बेहद दिलचस्प बात शेयर की—ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के कुछ जवानों ने भी नाम न छापने की शर्त पर उनकी मदद की थी। पुलिस कर्मियों ने उनसे कहा था कि वे पानी की बोतलें मुहैया कराएंगे बशर्ते उनकी पहचान गुप्त रखी जाए, क्योंकि उनके अपने बच्चे भी NEET की तैयारी कर रहे थे और वे इस मुद्दे से दिल से जुड़ाव महसूस कर रहे थे।
🚨 अभिजीत दिपके के पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज!
— Manoj Singh (@PracticalSpy) August 1, 2026
⁰सिर्फ ₹65,000 महीने की सैलरी पर बेटे की अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? इस सवाल पर शिकायत हुई है।
साथ ही CJP द्वारा जुटाए गए फंड्स को लेकर चुनाव आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
जांच होनी चाहिए। अब सारे गुप्त राज खुलेंगे pic.twitter.com/cDORVP8a0h
पार्टी चलाने के लिए कहां से आएगा पैसा?
जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि CJP आगे कैसे काम करेगी और फंडिंग कहां से आएगी, तो दीपके ने कहा कि सब कुछ पूरी तरह ट्रांसपेरेंट रहेगा:
- CJP सीधे जनता के बीच जाएगी और क्राउडफंडिंग (Crowdfunding) के जरिए पैसे जुटाएगी।
- जनता से मदद मांगी जाएगी और एक-एक पैसे का हिसाब-किताब सबके सामने रखा जाएगा।
कपिल सिब्बल के 1 करोड़ के फंड से बढ़ीं मुश्किलें
CJP की फंडिंग पर सवाल तब और गहरे हो गए जब वरिष्ठ वकील और सांसद कपिल सिब्बल ने NEET आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए छात्रों की मदद के लिए 1 करोड़ रुपये के कानूनी सहायता कोष (Legal Aid Fund) की घोषणा की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है और इस मदद व पार्टी के स्टेटस की जांच की मांग की है।
CJP का पलटवार: ‘PM CARES Fund को भी देखो’
इस पूरे मामले पर CJP की मुख्य प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि जो लोग किसी व्यक्ति की निजी पढ़ाई के खर्च को लेकर इतनी उत्सुकता दिखा रहे हैं और RTI दाखिल कर रहे हैं, उन्हें एक बार PM CARES Fund की तरफ भी नजर डालनी चाहिए।