नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चले छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अचानक दिल्ली पहुंचने से सियासी गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस बैठक के एजेंडे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
संजय राउत का बड़ा दावा
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस घटनाक्रम के बीच बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद खाली हो गया है और इस पद के लिए देवेंद्र फडणवीस का नाम सामने आ सकता है।
मीडिया से बातचीत में राउत ने कहा कि फडणवीस उच्च शिक्षित हैं, पेशे से वकील हैं और विभिन्न विषयों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें केंद्र की राजनीति में लाने की चर्चा पहले भी होती रही है, इसलिए उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
एक्स पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि सरकार भी जनदबाव के आगे फैसले लेने को मजबूर हो सकती है।
छात्र आंदोलन को बताया वजह
राउत ने दावा किया कि नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों के आंदोलन का दबाव लगातार बढ़ रहा था। उनके अनुसार, इसी दबाव के चलते केंद्र सरकार को बड़ा फैसला लेना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
महाराष्ट्र सरकार पर भी टिप्पणी
संजय राउत ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य के कई बड़े राजनीतिक फैसले दिल्ली से प्रभावित होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के प्रमुख नेताओं को महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए दिल्ली का रुख करना पड़ता है।
फडणवीस के दिल्ली दौरे पर नजर
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद देवेंद्र फडणवीस का दिल्ली दौरा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, उनके दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक संभावित कैबिनेट फेरबदल और शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग कयास लगा रहे हैं।
फिलहाल, शिक्षा मंत्री के नए चेहरे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में देवेंद्र फडणवीस के नाम को लेकर चल रही चर्चाएं और संजय राउत के दावे केवल राजनीतिक बयान और अटकलों के दायरे में हैं। केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई पुष्टि नहीं की गई है।