नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जहां आंदोलनकारियों में खुशी की लहर देखने को मिली, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कर दिया है कि जंतर-मंतर पर चल रहा उसका आंदोलन फिलहाल समाप्त नहीं होगा। CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने मंत्री के इस्तीफे को “लोकतंत्र और छात्रों की जीत” बताया, लेकिन कहा कि संगठन की बाकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
मंच से दी इस्तीफे की जानकारी, जश्न में डूबे प्रदर्शनकारी
जंतर-मंतर पर आयोजित सभा के दौरान अभिजीत दीपके ने आंदोलनकारियों को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जानकारी दी। यह खबर मिलते ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने खुशी जताई और इसे आंदोलन की बड़ी सफलता बताया। दीपके ने कहा कि उनकी सबसे प्रमुख मांग पूरी हो गई है, लेकिन अभी संघर्ष खत्म नहीं हुआ है।
दो प्रमुख मांगें फिर दोहराईं
अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन सरकार के सामने पहले ही तीन प्रमुख मांगें रख चुका है। उनके अनुसार, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पहली और सबसे बड़ी मांग थी, जो पूरी हो चुकी है।
उन्होंने बाकी मांगों को दोहराते हुए कहा कि—
- NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
दीपके का दावा है कि इन मांगों को लेकर सरकार को लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया था और इनमें से कुछ पर सिद्धांततः सहमति जताई गई है।
पुलिस कार्रवाई पर नई मांग
अभिजीत दीपके ने आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए एक नई मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए दीपके ने कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम लेते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
‘अभी आंदोलन जारी रहेगा’
दीपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत किया जाता है, लेकिन जब तक संगठन की शेष मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों के समाधान के लिए भी जारी रहेगा।
सरकार पर साधा निशाना
अभिजीत दीपके ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पहले यह कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक आंदोलन की सफलता बताते हुए कहा कि आगे भी संगठन अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।
नोट: इस खबर में अभिजीत दीपके और CJP द्वारा मंच से दिए गए बयानों एवं दावों का उल्लेख किया गया है। पुलिस कार्रवाई, सरकार की कथित सहमति और अन्य आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।