नई दिल्ली/कानपुर: देश की पहली महिला IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी के एक हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। कानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ना उनकी सबसे बड़ी गलती थी और उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह भविष्य में दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगी।
क्या कहा किरण बेदी ने?
मीडिया से बातचीत के दौरान किरण बेदी ने कहा कि:
“इंसान अपनी गलतियों से सीखता है। बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना मेरी बड़ी भूल थी। मैं दोबारा ऐसी गलती नहीं करूंगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब उनका ध्यान राजनीति की बजाय समाज सेवा और युवाओं के कौशल विकास पर है।
2015 में BJP से लड़ा था चुनाव
किरण बेदी जनवरी 2015 में भाजपा में शामिल हुई थीं और दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया था। उन्होंने कृष्णा नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार से हार गईं। बाद में वर्ष 2016 में उन्हें पुडुचेरी का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था।
बयान के राजनीतिक मायने
किरण बेदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब वह सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह बयान भाजपा के लिए असहज सवाल खड़े कर सकता है, खासकर उन रणनीतियों पर जिनमें गैर-राजनीतिक और चर्चित चेहरों को सीधे चुनावी राजनीति में उतारा जाता है। हालांकि, भाजपा की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
समाज सेवा पर फोकस
कानपुर कार्यक्रम में किरण बेदी ने बताया कि उन्होंने युवाओं के कौशल विकास के लिए “भारत स्किल एक्सचेंज” नाम से एक पहल शुरू की है। उन्होंने कहा कि अब उनका उद्देश्य युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ना है, न कि चुनावी राजनीति में लौटना।
(नोट: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों और किरण बेदी के कथित सार्वजनिक बयान पर आधारित है। भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।)