नई दिल्ली: दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया है। प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि जब पुलिस उन्हें हिरासत में लेने के दौरान घसीट रही थी, तब कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके कान में कहा कि “इस सरकार को हटाइए।” इस बयान के बाद देश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
SFJ ने CJP प्रदर्शन के लिए फंडिंग का किया दावा, भारत विरोधी बयान से बढ़ा विवाद
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें जबरन हटाया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने निजी तौर पर उनसे कहा कि “इस सरकार को हटाइए।” राहुल गांधी ने इसे सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष का संकेत बताते हुए कहा कि यह सिर्फ विपक्ष की आवाज नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर भी नाराजगी दिखाई दे रही है।
कल पुलिस वाले मुझे घसीट रहे थे, लेकिन वही पुलिस वाले मेरे कान में कह रहे थे – इस सरकार को हटाइए.
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) July 22, 2026
– नेता विपक्ष राहुल गांधी pic.twitter.com/eQIt17BBMv
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे राहुल
दिल्ली में CJP के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकते हुए हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
राहुल गांधी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थक इसे सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संदेश बता रहे हैं, जबकि विरोधी दल इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी द्वारा किया गया यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है और पुलिस की ओर से इस विशेष बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
PM मोदी से शरद पवार की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, INDIA गठबंधन में बढ़ी बेचैनी?
CJP आंदोलन पर बढ़ा सियासी घमासान
CJP के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही तीखी राजनीतिक टकराव की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बता रहा है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दे रही है। इसी बीच राहुल गांधी का यह नया दावा राजनीतिक विवाद को और तेज कर सकता है।
नोट: राहुल गांधी का यह बयान उनका व्यक्तिगत दावा है। संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।