नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ (CRPF) के लगभग 2000 कमांडो एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाए गए हैं। इसके अलावा करीब 30 कंपनियां पहले से ही दिल्ली में तैनात हैं। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या प्रशासन जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटाने की तैयारी कर रहा है।
बंगाल से क्यों बुलाए गए कमांडो?
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में चुनावी ड्यूटी और अन्य सुरक्षा जिम्मेदारियों में तैनात सीआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनियों को विशेष विमान के जरिए दिल्ली भेजा गया है। इन जवानों को राजधानी के संवेदनशील इलाकों में रिजर्व फोर्स के रूप में रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
पहले से तैनात हैं 30 कंपनियां
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में पहले से ही सीआरपीएफ की लगभग 30 कंपनियां विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। अब अतिरिक्त 2000 कमांडो पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
क्या जंतर-मंतर खाली कराया जाएगा?
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अब तक केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस या सीआरपीएफ की ओर से यह आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि प्रदर्शन स्थल को खाली कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती को अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी बता रहे हैं।
प्रशासन की नजर हालात पर
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार प्रदर्शन स्थल की स्थिति का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। यदि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
सीआरपीएफ के बड़े स्तर पर दिल्ली पहुंचने के बाद विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे संभावित कार्रवाई की तैयारी मान रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक ऐसी किसी योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल स्थिति क्या है?
- पश्चिम बंगाल से लगभग 2000 सीआरपीएफ कमांडो दिल्ली लाए गए हैं।
- राजधानी में पहले से करीब 30 कंपनियां तैनात हैं।
- सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
- जंतर-मंतर खाली कराने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
- प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है।
नोट: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हटाने की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्ट्स में दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक किसी सरकारी एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे संभावित सुरक्षा तैयारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।